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Ranchi Gas Crisis: सिलिंडर की भारी किल्लत, 3 बजे से लाइन में लग रहे लोग, Coal की कीमत दोगुनी

 रांची में घरेलू गैस संकट गहराया। 70 हजार सिलिंडर का बैकलॉग, लोगों को 8-10 दिन बाद मिल रहा गैस, कोयले की कीमत 300 रुपये तक पहुंची।


Ranchi Gas Crisis : रांची राजधानी रांची में घरेलू गैस सिलिंडर की किल्लत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। शहर के कई इलाकों में शनिवार को हालात ऐसे रहे कि लोग भोर के 3 बजे से ही गैस एजेंसियों के बाहर लाइन में लग गए, लेकिन घंटों इंतजार के बावजूद सैकड़ों उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा।

Ranchi Gas Crisis:सुबह 3 बजे से लाइन, फिर भी नहीं मिला सिलिंडर

चुटिया, स्टेशन इलाका, पिस्का मोड़, कॉक रोड, नामकुम और कांटाटोली समेत कई जगहों पर लंबी कतारें देखी गईं। लोग 5-6 घंटे तक लाइन में खड़े रहे, लेकिन कई एजेंसियों में सप्लाई ही नहीं पहुंची।
चुटिया स्थित इंद्रप्रस्थ गैस एजेंसी के बाहर खड़े उपभोक्ता उदय साहू ने बताया कि घंटों इंतजार के बाद सूचना मिली कि आज सिलिंडर की गाड़ी ही नहीं आएगी।
वहीं उपभोक्ता रीता सिन्हा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि एजेंसी से कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल रही, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ रही है।


Key Highlights

  • रांची में गैस सिलिंडर की भारी किल्लत, लंबी कतारें

  • 70 हजार सिलिंडर का बैकलॉग, सप्लाई प्रभावित

  • बुकिंग के बाद 8-10 दिन में मिल रहा गैस

  • कई एजेंसियों में सप्लाई नहीं पहुंची, लोग खाली हाथ लौटे

  • कोयले की कीमत 300 रुपये प्रति बोरी तक पहुंची


Ranchi Gas Crisis:70 हजार सिलिंडर का बैकलॉग, सप्लाई बाधित

28 मार्च को पूरे रांची में करीब 9000 सिलिंडरों का वितरण किया गया, जो सामान्य दिनों से काफी कम है।
शुक्रवार को प्लांट बंद रहने के कारण सप्लाई बाधित रही, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
फिलहाल जिले में करीब 70 हजार सिलिंडरों का बैकलॉग है, जिसमें लगभग 60 हजार सिलिंडर इंडेन कंपनी के हैं।

Ranchi Gas Crisis:8-10 दिन बाद मिल रहा सिलिंडर, बुकिंग भी प्रभावित

उपभोक्ताओं को बुकिंग के बाद भी 8 से 10 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। शनिवार को बुकिंग सॉफ्टवेयर में भी तकनीकी समस्या आने से नई बुकिंग और वितरण दोनों प्रभावित हुए।
इससे संकट और गहरा गया है।

Ranchi Gas Crisis:कोयले की कीमत दोगुनी, बाजार पर असर

गैस संकट का असर अब बाजार में भी दिखने लगा है। सिलिंडर नहीं मिलने के कारण लोग मजबूरी में कोयले का उपयोग कर रहे हैं।
इसका फायदा उठाकर कोयला विक्रेता मनमाने दाम वसूल रहे हैं। पहले 150-170 रुपये में मिलने वाला कोयला अब 300 रुपये प्रति बोरी तक पहुंच गया है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. रांची में गैस सिलेंडर की किल्लत का मुख्य कारण क्या है?

मुख्य कारण पश्चिम एशिया (West Asia) में चल रहे तनाव के कारण सप्लाई चेन में आई वैश्विक रुकावट है। इसके अलावा, तकनीकी खामियों और किल्लत की अफवाहों के चलते हुई ‘पैनिक बुकिंग’ ने स्थानीय स्तर पर 70 हजार से अधिक सिलेंडरों का बैकलॉग पैदा कर दिया है।

Q2. बुकिंग के कितने दिनों बाद गैस सिलेंडर की डिलीवरी मिल रही है?

वर्तमान स्थिति में, रांची के शहरी इलाकों में बुकिंग के लगभग 8 से 10 दिन बाद सिलेंडर की होम डिलीवरी मिल रही है। कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में यह प्रतीक्षा अवधि और भी अधिक हो सकती है।

Q3. क्या गैस सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में कोई बदलाव हुआ है?

हाँ, सरकार ने मांग को नियंत्रित करने के लिए दो बुकिंग के बीच अनिवार्य अंतर (Mandatory Gap) बढ़ा दिया है। अब शहरी क्षेत्रों में आप 25 दिन बाद और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद ही अगली रिफिल बुक कर सकते हैं।

Q4. गैस एजेंसियां होम डिलीवरी क्यों नहीं कर पा रही हैं?

बॉटलिंग प्लांट से कम सप्लाई मिलने और पैनिक बुकिंग के कारण वितरकों (Distributors) के पास स्टॉक की कमी है। इसी कारण लोग खुद गैस एजेंसियों के चक्कर लगा रहे हैं, जिससे लंबी कतारें लग रही हैं।

Q5. गैस की कमी के कारण कोयले के दामों में कितनी बढ़ोतरी हुई है?

गैस सिलेंडर न मिलने के कारण लोग विकल्प के तौर पर कोयले का इस्तेमाल कर रहे हैं। भारी मांग के चलते कोयला विक्रेताओं ने कीमतें बढ़ा दी हैं; जो कोयला पहले ₹150-170 प्रति बोरी मिलता था, वह अब ₹250-300 तक पहुँच गया है।

Q6. गैस सप्लाई से जुड़ी शिकायत कहाँ दर्ज करें?

यदि कोई एजेंसी ओवरचार्जिंग कर रही है या डिलीवरी में अनावश्यक देरी हो रही है, तो आप संबंधित कंपनी के टोल-फ्री नंबर (Indane: 1800-2333-555) पर या रांची जिला प्रशासन के हेल्पलाइन नंबरों पर शिकायत कर सकते हैं।

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