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महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र का लोकार्पण, बोले सीएम नीतीश- बोधगया में बढ़ेगा पर्यटकों का ठहराव

बोधगया (गया) : महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र का लोकार्पण- भगवान बुद्ध की पावन ज्ञानस्थली

बोधगया में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पर्यटन एवं भवन निर्माण विभाग के द्वारा

153.40 करोड़ रुपए की लागत से महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण कराया गया है.

जिसका लोकार्पण सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कर कमलों के द्वारा आज किया गया.

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं आगत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया.

वहीं विभिन्न देशों के बौद्ध भिक्षुओं ने बौद्ध परंपरा के अनुसार सूतपाठ किया.

देखरेख और संचालन के लिए निजी हाथों में सौंपा जाएगा

सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बोधगया में नवनिर्मित महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र यहां के विकास में मील का पत्थर साबित होगा. केंद्र में देश-विदेश से लोग आकर बैठक व कार्यक्रम करेंगे. इससे यहां पर्यटकों का ठहराव बढ़ेगा. केंद्र परिसर में ही ठहरने के लिए सौ कमरे का विशिष्ट अतिथि गृह बनाया जा रहा है, जो साल के अंत तक बन जाएगा. इसे देखरेख और संचालन के लिए निजी हाथों में सौंपा जाएगा.

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कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद किया गया था. भारी संख्या में सुरक्षा बलों के साथ पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई थी. वहीं इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना से हवाई मार्ग से गया हवाई अड्डा पहुंचे और हवाई अड्डा से सड़क मार्ग से बुद्ध की ज्ञान स्थली में आगमन किया. इस कार्यक्रम में डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद, उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, खान एवं भूतत्व विभाग मंत्री जनक राम, सांसद विजय कुमार, बोधगया विधायक कुमार सर्वजीत, विधायक डॉ. प्रेम कुमार सहित कई नेता मौजूद रहे.

आकर्षण का केंद्र बनेगा महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र

महाबोधि सांस्कृतिक केंद्र बोधगया में आने वाले लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा. संस्कृति केंद्र की डिजाइन योजना 52610 वर्ग मीटर भूमि में फैली हुई है. इसमें निर्मित क्षेत्र 21830 वर्ग मीटर है. भवन का डिजाइन बौद्ध विचार तथा जीवन शैली से प्रेरित है. संस्कृति केंद्र के बीच में एक बड़ा गुबंददार सभागार है. साथ ही 2000 और 500 क्षमता के 2 सभागार विश्वस्तरीय सुविधाओं की तर्ज पर बनाएं गए है. इसके अलावा के बहुद्देशीय हॉल, भोजन गृह, आर्ट गैलरी, ऑडियो विजुअल रूम, सुसज्जित मंच, निचले तले पर एक बड़ा रसोईघर आदि बनाया गया है. इस सांस्कृतिक केंद्र के बनने से बोधगया पर्यटन के क्षेत्र में विकसित होगा. इस का कुल क्षेत्रफल लगभग 13 एकड़ है. संस्कृति केंद्र में 2 मुख्य प्रवेश द्वार हैं.

रिपोर्ट: राममूर्ति पाठक

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