झारखंड में शराब दुकानों के सरेंडर के बाद नियम बदले गए। अब लॉटरी सिस्टम से आवंटन होगा, लंबी प्रक्रिया से राहत मिलेगी।
Jharkhand Liquor Policy Update रांची: झारखंड में शराब दुकानों के सरेंडर के बाद उत्पन्न स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने नियमों में अहम बदलाव किया है। झारखंड उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग ने नई व्यवस्था लागू करते हुए अब सरेंडर की गई खुदरा दुकानों के आवंटन के लिए लॉटरी सिस्टम अपनाने का निर्णय लिया है। इससे लंबी और जटिल प्रक्रिया से राहत मिलने की उम्मीद है।
Key Highlights:
शराब दुकानों के सरेंडर के बाद नियमों में बदलाव
अब लॉटरी सिस्टम से दुकानों का आवंटन होगा
95% रिन्युअल की बाध्यता को हटाया गया
आठ जिलों में 38 दुकानों का सरेंडर
लंबी प्रक्रिया से राहत, समय पर दुकानें खुलने की उम्मीद
Jharkhand Liquor Policy Update: 95% रिन्युअल नियम में किया गया संशोधन
बीते वित्त वर्ष में लागू उत्पाद नीति के तहत यह प्रावधान था कि यदि किसी जिले में 95% से कम दुकानों के लिए रिन्युअल आवेदन आते हैं, तो पूरे जिले की दुकानों की फिर से बंदोबस्ती करनी होगी।
आठ जिलों में से पांच जिलों में यह स्थिति बन गई थी, जिससे पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करने का खतरा पैदा हो गया था। इससे समय पर दुकानें नहीं खुल पाने की आशंका थी।
Jharkhand Liquor Policy Update: अब लॉटरी सिस्टम से होगा आवंटन
नियमों में संशोधन के बाद अब यह बाध्यता समाप्त कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत संबंधित जिलों में बिक्री अधिसूचना जारी कर लॉटरी के माध्यम से दुकानों का आवंटन किया जाएगा।
इस फैसले से प्रशासनिक प्रक्रिया तेज होगी और नए वित्तीय वर्ष में दुकानों के संचालन में देरी नहीं होगी।
Jharkhand Liquor Policy Update: आठ जिलों में 38 दुकानों का सरेंडर
राज्य के धनबाद और गढ़वा में सबसे अधिक 10-10 दुकानों का सरेंडर हुआ है।
इसके अलावा जमशेदपुर में 2, हजारीबाग में 5, खूंटी में 2, कोडरमा में 2, रांची में 3 और सरायकेला-खरसावां में 4 दुकानों ने सरेंडर किया है।
इनमें धनबाद, गढ़वा, खूंटी, हजारीबाग और कोडरमा में 95% से कम रिन्युअल आवेदन आने के कारण नियम में बदलाव करना पड़ा।
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