गर्दनीबाग में बनाये गये बापू टावर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्थायी विरासत और प्रदर्शों का प्रमाण है- CM Samrat Choudhary

Patna:  CM Samrat Choudhary ने आज गर्दनीबाग में बापू टावर का भ्रमण किया। मुख्यमंत्री ने बापू टावर के भूतल, प्रथम, द्वितीय, तीसरा तल, चौथा एवं पांचवें तल पर जाकर विभिन्न दीर्घाओं में प्रदर्शों का अवलोकन किया और वहां की व्यवस्थाओं आदि के संबंध में विस्तृत जानकारी ली।

CM Samrat Choudhary ने बापू टावर पहुँचकर वहां स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि दी

भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने भूतल पर ही बनाये गये ओरियेंटेशन हॉल में टर्न टेबल थियेटर शो (रोटेटिंग पर्दे) का जायजा लिया। बापू टावर के विभिन्न तलों एवं निर्मित 5 रैम्पों के निरीक्षण के दौरान भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि ने मुख्यमंत्री को गांधी जी के जीवन से संबंधित सभी जानकारियां, म्यूरल, कटआउट, स्क्रीन प्रोजेक्टर आदि के माध्यम से प्रदर्शों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। भवन निर्माण विभाग के सचिव ने बताया कि बापू टावर में भ्रमण हेतु स्कूली बच्चे और ग्रुप में आनेवाले लोगों को निःशुल्क प्रवेश की अनुमति है। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान प्रेक्षागृह, प्रतीक्षा कक्ष, लाउंज, बापू के आदर्शों को आमजन में स्थापित करने हेतु कार्यों के प्रदर्शन के लिये दीर्घा, अनुसंधान केन्द्र, आगंतुक सुविधायें एवं अन्य संरचनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने विभिन्न डिजिटलाइज्ड प्रदर्शों का भी अवलोकन किया। शिक्षा विभाग के द्वारा सभी विद्यालयों में वाचन हेतु तैयार किताब ‘बापू की पाती’ एवं ‘मोहन से महात्मा’ को भी डिजीटल रूप में बच्चों की सुलभ जानकारी हेतु प्रदर्शित किया गया है जिसका मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने बापू टावर के प्रदशों का अवलोकन करते हुये कहा कि गर्दनीबाग में बनाये गये बापू टावर महात्मा गांधी के स्थायी विरासत और प्रदर्शों का प्रमाण है। बापू टावर बहुत ही अच्छा बना है, यह लोगों के लिये दर्शनीय और उपयोगी है। बापू की जीवनी, उनके विचारों और उनके आदर्शों को नई पीढ़ी एवं देश के अन्य हिस्सों से आए लोग यहां आकर बेहतर ढंग से चीजों को जान सकेंगे। यहां बापू के जीवन से जुड़ी ऐतिहासिक घटनायें, गांधी जी के विचार, स्वतंत्रता संग्राम में उनकी भूमिका, बिहार से उनके लगाव तथा बापू के आदशों को बेहतर ढंग से रेखांकित कर प्रदर्शित किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया बापू टावर परिसर एवं इसके आसपास हरियाली को और अधिक विकसित करायें।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूलों के शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम में बच्चों को बापू टावर, बिहार संग्रहालय, पटना म्यूजियम, साइंस सिटी का रूट बनाकर भ्रमण करायें। मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण विभाग के सचिव को निर्देश दिया कि पर्यटन विभाग तथा कला एवं संस्कृति विभाग से समन्वय स्थापित कर बापू टावर में अधिक से अधिक लोगों के भ्रमण की सुविधा सुनिश्चित करायें। इससे बापू से जुड़े कार्य उनके विचार और आदर्श के बारे में लोग अच्छी तरह से जान सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने बापू की जीवनी, उनके आदर्शों एवं कार्यों तथा बिहार की गौरव गाथा पर आधारित फिल्म का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने पत्रिका ‘सत्याग्रह-बापू टावर का प्रकाशन’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे डिजिटलाइज भी कराएं ताकि आम लोग आसानी से इसका लाभ उठा सकें। भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि ने मुख्यमंत्री को पुष्प गुच्छ एवं प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत किया।

ज्ञातव्य है कि बापू टावर जी प्लस सिक्स बनाया गया है, जिसके दो भाग हैं-आयताकार भवन एवं शंकुकार भवन। आयताकार भवन में तीन प्रदर्श गैलरी, प्रेक्षागृह, अस्थायी प्रदर्शनी दीर्घा, कार्यालय कक्ष, प्रतीक्षालय, म्यूजियम शॉप एवं जलपान गृह अवस्थित है। आयताकार भवन के प्रथम गैलरी में महात्मा गांधी के आरंभिक जीवन से लंदन एवं दक्षिण अफ्रीका प्रवास तथा भारत आगमन की कहानी वर्णित की गई है। द्वितीय गैलरी में गांधी जी के रचनात्मक कार्यक्रम एवं स्वतंत्रता आंदोलन में उनके द्वारा निभाये गये नेतृत्व की गाथा है। तृतीय गैलरी में चम्पारण शताब्दी समारोह के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी संकलित की गयी है। इस गैलरी में विभिन्न कार्यक्रमों यथा गांधी दर्शन पर राष्ट्रीय विमर्श, स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान, बापू आपके द्वार, हेरिटेज वॉक, बापू की वर्णमाला, गांधी कथावाचन, मोहन से महात्मा (पपेट शो) आदि को प्रमुखता से दिखाया गया है। इसके साथ-साथ बिहार राज्य में बापू के विचारों के आधार पर प्रारंभ की गयीं योजनाएं / अभियान यथा पूर्ण नशाबंदी, बाल विवाह निषेध, दहेज प्रथा उन्मूलन एवं बालिकाओं की शिक्षा से संबंधित जानकारी प्रदर्शित की गयी है।

102 फीट ऊंचे शंकुकार भवन बापू टावर को आकर्षक और भव्य बनाता है। इसमें लगातार क्रम में निर्मित 5 रैम्प हैं, जिस पर गांधी जी के जीवन से संबंधित सभी जानकारियां, म्यूरल, कटआउट, स्क्रीन प्रोजेक्ट आदि के माध्यम से प्रदर्शित की गयी है। शंकुकार भवन के बाहरी सतह पर गांधी जी के आकृति का निर्माण किया गया है। प्रथम रैम्प (पांचवां तल से चौथा तल) चम्पारण सत्याग्रह की गाथा दर्शायी गई है। इस रैम्प पर महात्मा गांधी के बिहार आगमन एवं द्वितीय रैम्प (चौथा तल से तृतीय तल) इस रैम्प पर द्वितीय विश्वयुद्ध एवं उसका भारतवर्ष पर प्रभाव, भारत छोडो आंदोलन में बिहार की भागीदारी की जानकारी दी गयी है। तृतीय रैम्प (तृतीय तल से द्वितीय तल) इस रैम्प पर गांधी जिन्ना वार्ता, शिमला सम्मेलन, 1946 के चुनाव, कलकत्ता दंगे, गांधीजी की नोआखली यात्रा, बिहार में दंगे के दौरान गांधी जी के कार्य को दर्शाया गया है। चतुर्थ रैम्प (द्वितीय तल से प्रथम तल) इस रैम्प पर बिहार में गांधीजी, प्रार्थना सभा में गांधीजी, माउण्टबेटन के साथ गांधीजी की मुलाकात, गांधीजी की कश्मीर यात्रा, देश विभाजन हेतु बातचीत, गांधीजी की कलकत्ता यात्रा, गांधीजी के उद्धरण को प्रदर्शित करने हेतु प्रदर्श लगाये गये हैं। पंचम रैम्प (प्रथम तल से भूतल) इस रैम्प पर गांधीजी एक प्रेरणा श्रोत, गांधीजी एक व्यक्तित्व, गांधीजी के आदर्शों पर आधारित शपथ हेतु प्रदर्श अधिष्ठापित किये गये हैं। बापू बापू टावर की अवधारणा से आगंतुकों को परिचित कराने हेतु भूतल पर 60 लोगों की क्षमता का एक ओरिएन्टेशन हॉल का निर्माण किया गया है। इस हॉल में में ‘टर्न टेबल’ थिएटर शो (घूमने वाले पर्दे) की भी व्यवस्था की गई है। इस हॉल में लगी कुर्सियों पर बैठकर दर्शक बापू टावर के बारे में बने फिल्म का अवलोकन कर पायेंगे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव सह भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि, गृह विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री संजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी डॉ० गोपाल सिंह, जिलाधिकारी डॉ० त्यागराजन एस०एम०, वरीय पुलिस अधीक्षक श्री कार्तिकेय के० शर्मा, बापू टावर के निदेशक सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे।

 

 

 

 

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