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Ranchi Industry Crisis: Gas Shortage और Raw Material महंगा, फैक्ट्रियों में उत्पादन बुरी तरह प्रभावित

 रांची में कॉमर्शियल सिलिंडर की कमी और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों से उद्योग संकट में हैं। कई फैक्ट्रियों में उत्पादन 30 से 90 प्रतिशत तक घट गया है।


Ranchi Industry Crisis रांची:  में कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की भारी किल्लत और कच्चे माल की लगातार बढ़ती कीमतों ने छोटे और मध्यम उद्योगों को गंभीर संकट में डाल दिया है। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई फैक्ट्रियों में उत्पादन 30 से 90 प्रतिशत तक घट गया है। उत्पादन में कमी के कारण उद्यमियों पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा है और कई इकाइयों के बंद होने का खतरा भी मंडरा रहा है।

उद्यमियों का कहना है कि महंगे कच्चे माल, गैस की अनुपलब्धता और घटती मांग के कारण नए ऑर्डर भी नहीं मिल पा रहे हैं। इससे कारोबार की स्थिति और अधिक खराब हो गई है।


Key Highlights:

• कॉमर्शियल सिलिंडर की किल्लत से गैस आधारित उद्योगों पर बड़ा असर

• कच्चे माल की कीमतों में 30 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी

• कई फैक्ट्रियों में उत्पादन 30 से 90 प्रतिशत तक घटा

• उद्यमियों को नए ऑर्डर नहीं मिल रहे, उद्योग बंद होने का खतरा

• इंडेन का सर्वर पांच घंटे ठप रहने से उपभोक्ता और एजेंसियां परेशान


Ranchi Industry Crisis:कच्चे माल की कीमतों में भारी उछाल

उद्योगपतियों के अनुसार कच्चे माल की कीमतों में 30 से 60 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। पीपी प्लास्टिक की कीमत 110 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 170 रुपये प्रति किलो हो गई है। वहीं एलएल प्लास्टिक दाने की कीमत 115 रुपये से बढ़कर 155 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है।

इसका सीधा असर तैयार उत्पादों की कीमत पर पड़ा है। पहले जो प्लास्टिक कुर्सी 400 से 500 रुपये में मिलती थी, अब उसकी कीमत 600 से 700 रुपये हो गई है। स्टूल 300 रुपये से बढ़कर 400 रुपये और डाइनिंग टेबल 1000 रुपये से बढ़कर 1400 रुपये तक पहुंच गई है।

Ranchi Industry Crisis:गैस संकट से फैब्रिकेशन उद्योग ठप होने की कगार पर

तुपुदाना स्थित नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरपोरेशन में फैब्रिकेशन का काम होता है। प्रोपराइटर विनोद तुलस्यान के अनुसार गैस की किल्लत बेहद गंभीर हो चुकी है। पहले हर महीने सात से आठ कॉमर्शियल सिलिंडर मिल जाते थे, लेकिन अब एक भी सिलिंडर उपलब्ध नहीं हो रहा है।

उन्होंने बताया कि उत्पादन 90 प्रतिशत तक गिर गया है। कर्मचारियों को खाली बैठाना पड़ रहा है और नए ऑर्डर भी नहीं लिए जा रहे हैं। यदि अगले पांच से दस दिनों में स्थिति नहीं सुधरी तो उद्योग बंद करने की नौबत आ सकती है।

Ranchi Industry Crisis:प्लास्टिक और टंकी उद्योग भी प्रभावित

टाटीसिल्वे स्थित झारखंड प्लास्टिक प्राइवेट लिमिटेड में प्लास्टिक उत्पाद बनाए जाते हैं। प्रोपराइटर रवि टिबड़ेवाल के अनुसार कच्चे माल की कीमतों में 60 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है, जिससे उत्पादन लगभग 30 प्रतिशत तक कम हो गया है और बिक्री में भी गिरावट आई है।

वहीं बीआईटी के पास स्थित निर्मला रोटोप्लास्ट में पानी की टंकियों का उत्पादन होता है। प्रोपराइटर दीपक मारु के अनुसार एलएल प्लास्टिक दानों की कीमतों में 30 से 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी के कारण तैयार उत्पादों के दाम लगभग 25 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं।

Ranchi Industry Crisis:इंडेन का सर्वर ठप, उपभोक्ता रहे परेशान

शुक्रवार को Indane का सर्वर लगभग पांच घंटे तक ठप रहा, जिससे उपभोक्ताओं और गैस एजेंसियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक सॉफ्टवेयर और एप दोनों काम नहीं कर रहे थे।

इस कारण गैस डिलिवरी पोस्ट करने, डीएसी सत्यापन, पते में बदलाव, ट्रांसफर और इ-केवाईसी जैसे कई जरूरी काम पूरी तरह प्रभावित रहे। कई एजेंसियों को गैस डिलिवरी में भी दिक्कत हुई, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई।


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