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Jharkhand Salary Crisis: दो महीने से वेतन का इंतजार, Verification Process में फंसी सरकारी कर्मियों की सैलरी

झारखंड के सरकारी कर्मचारियों को मार्च और अप्रैल माह का वेतन अब तक नहीं मिला है। सेवा सत्यापन और डीडीओ की कमी से वेतन भुगतान प्रभावित हुआ है।


Jharkhand Salary Crisis रांची: झारखंड में सरकारी कर्मचारियों को पिछले दो महीनों से वेतन नहीं मिलने का मामला गंभीर होता जा रहा है। राज्य के कई विभागों के कर्मियों को अब तक मार्च और अप्रैल महीने का वेतन नहीं मिला है, जिससे कर्मचारियों के बीच नाराजगी बढ़ती जा रही है।

जानकारी के अनुसार वित्त विभाग द्वारा सभी सरकारी कर्मियों का सेवा इतिहास सत्यापन कराने का निर्देश दिया गया है। इसके तहत कर्मचारियों को निर्धारित फॉर्म भरकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ स्वहस्ताक्षरित प्रतियां जमा करनी पड़ रही हैं। इसी प्रक्रिया के कारण वेतन भुगतान में देरी हो रही है।

Jharkhand Salary Crisis:Verification प्रक्रिया के कारण अटका वेतन

सरकारी सूत्रों के मुताबिक दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही फाइल ट्रेजरी भेजी जा रही है। इस जटिल प्रक्रिया की वजह से कई विभागों में वेतन भुगतान लंबित हो गया है।

बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में वेतन निकासी में अनियमितताओं के मामले सामने आने के बाद वित्त विभाग ने प्रक्रिया को और सख्त बना दिया है। इसी कारण वेतन निर्गत होने में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है।


Key Highlights

  • झारखंड के सरकारी कर्मियों को दो महीने से वेतन नहीं मिला

  • मार्च और अप्रैल माह का भुगतान अब तक लंबित

  • सेवा इतिहास सत्यापन प्रक्रिया के कारण देरी

  • कई विभागों में डीडीओ की अनुपस्थिति से बढ़ी समस्या

  • वित्त मंत्री ने कहा, खजाने की स्थिति पूरी तरह बेहतर


Jharkhand Salary Crisis:डीडीओ की कमी से भी बढ़ी परेशानी

वेतन भुगतान में देरी की दूसरी बड़ी वजह विभागों में डीडीओ यानी ड्रॉइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर की अनुपस्थिति बतायी जा रही है। कई विभागों के डीडीओ चुनाव कार्य के कारण राज्य से बाहर गये हुए थे, जिससे वेतन निर्गत करने की प्रक्रिया प्रभावित हुई।

हालांकि विभागीय अधिकारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी ताकि कर्मचारियों का वेतन समय पर जारी हो सके।

Jharkhand Salary Crisis:वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने क्या कहा

Radhakrishna Kishore ने वेतन संकट को लेकर कहा कि राज्य के खजाने की स्थिति पूरी तरह बेहतर है और कर्मचारियों को किसी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि वित्त विभाग की ओर से संबंधित विभागों को राशि जारी कर दी गयी है। सचिवालय से आवंटन भी मिल चुका है और कर्मचारियों के दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

वित्त मंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि बोकारो, हजारीबाग और रामगढ़ समेत कुछ जिलों में वेतन निकासी में अनियमितताएं सामने आयी थीं, लेकिन इसकी वजह से प्रक्रिया को अत्यधिक जटिल नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया का सरलीकरण जरूरी है ताकि कर्मचारियों को समय पर वेतन मिल सके।

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