झारखंड हाइकोर्ट ने प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य प्रतियोगिता परीक्षा की पुनर्परीक्षा पर रोक लगाने से इनकार किया। जेएसएससी को 1 जुलाई तक रिजल्ट जारी करने का निर्देश।
JSSC Exam Case रांची: Jharkhand High Court ने प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य प्रतियोगिता परीक्षा मामले में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किये हैं। चीफ जस्टिस M. S. Sonak और जस्टिस Rajesh Shankar की खंडपीठ ने पेपर-दो की आठ मई को प्रस्तावित पुनर्परीक्षा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता चाहें तो पुनर्परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। अदालत ने मामले में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को 18 जून तक शपथ पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।
JSSC Exam Case:1 जुलाई तक रिजल्ट जारी करने का निर्देश
हाइकोर्ट ने जेएसएससी को प्रशिक्षित माध्यमिक आचार्य प्रतियोगिता परीक्षा का परिणाम प्रकाशित कर एक जुलाई तक राज्य सरकार को अनुशंसा भेजने का निर्देश दिया है। साथ ही आयोग को दो जुलाई तक अनुपालन प्रतिवेदन दायर करने को कहा गया है।
मामले की अगली सुनवाई के लिए अदालत ने दो जुलाई की तिथि निर्धारित की है। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजीव रंजन और जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने पक्ष रखा।
Key Highlights:
हाइकोर्ट ने पुनर्परीक्षा पर रोक लगाने से इनकार किया
जेएसएससी को 1 जुलाई तक रिजल्ट जारी करने का निर्देश
2819 अभ्यर्थियों के आइपी एड्रेस में हैकिंग मिली थी
24 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में हुए थे शामिल
मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी
JSSC Exam Case:2819 अभ्यर्थियों के आइपी एड्रेस में मिली थी हैकिंग
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि परीक्षा में करीब 24 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे और परीक्षा कंप्यूटर आधारित यानी सीबीटी मोड में आयोजित हुई थी। जांच में 2819 अभ्यर्थियों के कंप्यूटर के आइपी एड्रेस में हैकिंग पायी गयी थी।
इसी कारण आयोग ने इन 2819 अभ्यर्थियों के लिए पेपर-दो की पुनर्परीक्षा आठ मई को आयोजित करने का निर्णय लिया है। आयोग द्वारा संबंधित अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र भी जारी कर दिया गया है।
JSSC Exam Case:मॉडल उत्तर कुंजी दिखाने की मांग
याचिकाकर्ता अर्चना कुमारी समेत अन्य अभ्यर्थियों की ओर से दायर याचिका में आयोग को मॉडल उत्तर कुंजी सार्वजनिक करने का निर्देश देने की मांग की गयी है, ताकि अभ्यर्थी उस पर आपत्ति दर्ज करा सकें।
इसके अलावा संशोधित याचिका में 23 अप्रैल को जारी जेएसएससी के नोटिस को भी चुनौती दी गयी है। इस नोटिस में 2819 अभ्यर्थियों को आठ मई को प्रस्तावित पेपर-दो की पुनर्परीक्षा में शामिल होने का निर्देश दिया गया था।
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