ग्रामीण विकास विभाग टेंडर घोटाला मामले में आरोपी सहायक अभियंता रामपुकार राम ने पीएमएलए कोर्ट में सरेंडर किया। अदालत ने शर्तों के साथ जमानत दी।
Tender Scam Case रांची: ग्रामीण विकास विभाग में हुए बहुचर्चित टेंडर घोटाला मामले के आरोपी सहायक अभियंता रामपुकार राम ने शुक्रवार को पीएमएलए की विशेष अदालत में सरेंडर कर दिया। सरेंडर के बाद अदालत ने उन्हें सशर्त जमानत दे दी।
अदालत ने एक लाख रुपये के निजी मुचलके, पासपोर्ट जमा करने और बिना अनुमति देश नहीं छोड़ने की शर्त पर उनकी जमानत याचिका स्वीकार की।
Key Highlights
टेंडर घोटाला मामले में रामपुकार राम ने कोर्ट में किया सरेंडर
पीएमएलए कोर्ट ने शर्तों के साथ दी जमानत
ईडी ने 14 आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया
टेंडर आवंटन में हेरफेर और कमीशन पहुंचाने का आरोप
मामले में कुल 36 आरोपी शामिल
Tender Scam Case:ईडी ने दाखिल किया पूरक आरोप पत्र
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में प्रमोद कुमार समेत 14 अन्य आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। अदालत ने आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ समन जारी किया है।
मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब तक कई आरोपी अदालत में सरेंडर कर चुके हैं और उन्हें जमानत मिल चुकी है।
Tender Scam Case:छापेमारी के बाद बढ़ी थी कार्रवाई
ईडी ने इससे पहले आरोपी वीरेंद्र राम से पूछताछ के बाद रामपुकार राम के लालपुर और द्वारिकाधीश अपार्टमेंट स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी।
जांच एजेंसी के अनुसार रामपुकार राम पर आरोप है कि उन्होंने वीरेंद्र राम के मौखिक निर्देश पर ग्रामीण कार्य विभाग में टेंडर आवंटन में हेरफेर किया। साथ ही कमीशन की राशि वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्री तक पहुंचाने में भी उनकी भूमिका बताई गई है।
Tender Scam Case:2011 के पुल बहने मामले में भी हुई थी कार्रवाई
रामपुकार राम का नाम वर्ष 2011 में गुमला जिले में पांच पुल बहने के मामले में भी सामने आया था। उस प्रकरण में भी उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
बताया जा रहा है कि इस पूरे टेंडर घोटाला मामले में कुल 36 आरोपी हैं और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
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