झारखंड में क्लाइमेट चेंज का असर साफ दिख रहा है। मई में सामान्य से 73% अधिक बारिश दर्ज हुई, कई जिलों में तापमान सामान्य से कम रहा।
Jharkhand Climate Change Impact रांची: झारखंड में इस वर्ष मौसम का व्यवहार पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। आमतौर पर मई महीने में पड़ने वाली भीषण गर्मी की जगह इस बार राज्य के अधिकांश हिस्सों में लगातार बारिश, तेज हवा और बादल छाए रहने का सिलसिला जारी है। मौसम वैज्ञानिक इसे क्लाइमेट चेंज का प्रभाव मान रहे हैं। राज्य में एक मार्च से अब तक मौसम का पैटर्न असामान्य बना हुआ है, जिसके कारण तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, अप्रैल के शुरुआती दिनों में कुछ समय के लिए तेज गर्मी पड़ी थी और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। लेकिन मई की शुरुआत के बाद मौसम ने अचानक करवट ले ली। राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे बना हुआ है, जबकि औसत तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया जा रहा है।
Jharkhand Climate Change Impact: 19 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
राज्य में अब तक सामान्य से करीब 73 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गयी है। झारखंड के 24 जिलों में से 19 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा हुई है। खासकर बोकारो, हजारीबाग, लातेहार, रामगढ़, रांची और सिमडेगा में सामान्य से 100 प्रतिशत से भी अधिक बारिश रिकॉर्ड की गयी है। यानी इन जिलों में सामान्य से दोगुनी से अधिक वर्षा हुई है।
वहीं दूसरी ओर चतरा, गढ़वा, लोहरदगा, पाकुड़ और साहिबगंज ऐसे जिले हैं, जहां अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गयी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार पश्चिमी विक्षोभ, नमी और वायुमंडलीय बदलावों की वजह से यह स्थिति बनी हुई है।
Key Highlights
झारखंड में अब तक सामान्य से 73% अधिक बारिश दर्ज
19 जिलों में सामान्य से ज्यादा वर्षा हुई
छह जिलों में 100% से अधिक बारिश रिकॉर्ड
मई में तापमान सामान्य से कम बना हुआ है
23 मई तक तेज हवा, बारिश और वज्रपात का अलर्ट
Jharkhand Climate Change Impact: मई के अंतिम सप्ताह तक राहत के आसार नहीं
मौसम केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक मई के अंतिम सप्ताह तक मौसम का यही बदला हुआ स्वरूप बना रह सकता है। 23 मई तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में तेज हवा, बारिश और वज्रपात की संभावना जतायी गयी है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए अलर्ट भी जारी किया है।
विशेष रूप से 19 और 20 मई को संताल परगना क्षेत्र तथा राजधानी रांची समेत राज्य के मध्य हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का अनुमान लगाया गया है। इसके साथ ही कई इलाकों में गरज-चमक और वज्रपात की भी आशंका व्यक्त की गयी है।
Jharkhand Climate Change Impact: खेती और जनजीवन पर दिख रहा असर
मई में सामान्य से अधिक बारिश और कम तापमान का असर जनजीवन के साथ-साथ कृषि गतिविधियों पर भी पड़ने लगा है। एक ओर लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर लगातार नमी और बारिश से फसलों पर प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गयी है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले वर्षों में ऐसे असामान्य मौसमीय बदलाव और अधिक देखने को मिल सकते हैं।
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