बोकारो सड़क हादसे में माता-पिता की मौत के बाद तीन बच्चों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया। कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा।
Hemant Soren Initiative रांची: झारखंड के बोकारो जिले में हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक पूरे परिवार को उजाड़ दिया। चंदनकियारी थाना क्षेत्र के बरमसिया गांव में हुई दुर्घटना में पिता सपन मांझी की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि गंभीर रूप से घायल उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी का इलाज के दौरान रांची स्थित Rajendra Institute of Medical Sciences में निधन हो गया। इस घटना के बाद परिवार के तीन छोटे बच्चे अनाथ हो गये हैं।
मृतक दंपती के बच्चों में बेटी पल्लवी और बेटे विमल मांझी तथा विद्युत मांझी शामिल हैं। हादसे की खबर सामने आने के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
Key Highlights
बोकारो सड़क हादसे में दंपती की मौत, तीन बच्चे हुए अनाथ
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले का लिया संज्ञान
बच्चों की शिक्षा और पालन-पोषण सुनिश्चित करने का निर्देश
सरकारी योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता शुरू
प्रत्येक बच्चे को ₹4000 प्रतिमाह सहायता देने की तैयारी
Hemant Soren Initiative:मुख्यमंत्री ने लिया तत्काल संज्ञान
यह मामला सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री Hemant Soren तक पहुंचा। मुख्यमंत्री ने तुरंत मामले का संज्ञान लेते हुए बोकारो उपायुक्त को बच्चों की देखभाल और हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बच्चों की शिक्षा, पालन-पोषण और भविष्य को लेकर विशेष निगरानी रखी जाये तथा उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसके बाद जिला प्रशासन सक्रिय हो गया और सहायता प्रक्रिया शुरू कर दी गयी।
Hemant Soren Initiative:सरकारी योजनाओं से मिलेगी आर्थिक मदद
बोकारो उपायुक्त ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि बच्चों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। प्रशासन की ओर से तत्काल खाद्य सुरक्षा योजना के तहत 50 किलोग्राम अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अलावा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत दो लाख रुपये की बीमा राशि दिलाने की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना के तहत प्रत्येक बच्चे को चार हजार रुपये प्रतिमाह सहायता देने की तैयारी की गयी है।
Hemant Soren Initiative:शिक्षा और भविष्य की जिम्मेदारी भी उठायेगी सरकार
जिला प्रशासन ने बताया कि बच्ची के लिए Kasturba Gandhi Balika Vidyalaya में नामांकन कराने तथा सावित्रीबाई फुले योजना से सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है।
इसके साथ ही राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी दी जायेगी। प्रशासन ने यह भी कहा कि बच्चों के 18 वर्ष पूरे होने पर उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उपलब्ध कराया जायेगा।
Hemant Soren Initiative:बीडीओ ने घर पहुंचकर लिया हालात का जायजा
चंदनकियारी प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बच्चों के घर पहुंचकर परिवार की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर बच्चों की जरूरतों की जानकारी ली और उन्हें सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी।
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