रांची में हालिया बारिश से रूक्का, हटिया और गोंदा डैम का जलस्तर बढ़ा, लेकिन तीनों जलाशयों में अब भी पिछले साल की तुलना में 5 से 10 फीट कम पानी है। जलापूर्ति पर नजर।
Water Crisis Update रांची: रांची में मॉनसून की धीमी रफ्तार के बीच पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश से शहर के तीनों प्रमुख जलाशयों रूक्का, हटिया और गोंदा डैम के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि यह बढ़ोतरी शहर की पेयजल व्यवस्था के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं कही जा सकती। कम बारिश और डैमों में गाद भरने की समस्या के कारण जलस्तर पिछले वर्ष की तुलना में काफी नीचे बना हुआ है।
Water Crisis Update: रूक्का डैम में सिर्फ 7 फीट 8 इंच जलापूर्ति योग्य पानी
शहर की लगभग 80 प्रतिशत आबादी को पानी उपलब्ध कराने वाले रूक्का (गेतलसूद) डैम में फिलहाल 21 फीट 8 इंच पानी है। पिछले वर्ष 12 जुलाई को यहां 32 फीट 5 इंच पानी दर्ज किया गया था। यानी इस बार जलस्तर करीब 10 फीट कम है। 36 फीट भंडारण क्षमता वाले इस डैम में क्षमता से लगभग 14 फीट कम पानी मौजूद है।
विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में रूक्का डैम में केवल 7 फीट 8 इंच जलापूर्ति योग्य पानी शेष है। यदि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती रही तो फिलहाल शहर में पेयजल संकट की आशंका नहीं रहेगी।
Key Highlights:
हालिया बारिश से रूक्का और गोंदा डैम का जलस्तर 2-2 फीट, हटिया डैम का 1 फीट बढ़ा।
तीनों डैमों में पिछले साल की तुलना में 5 से 10 फीट तक कम पानी मौजूद।
रांची में 1 जून से 12 जुलाई तक सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज।
रूक्का डैम में फिलहाल केवल 7 फीट 8 इंच जलापूर्ति योग्य पानी बचा है।
गाद भरने से रूक्का और कांके डैम की भंडारण क्षमता लगातार घट रही है।
Water Crisis Update: हटिया और गोंदा डैम की स्थिति भी चिंता बढ़ाने वाली
हटिया डैम का वर्तमान जलस्तर 27 फीट 7 इंच है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 32 फीट 11.5 इंच था। यानी इस बार करीब साढ़े पांच फीट कम पानी है। 39 फीट क्षमता वाले इस डैम में भी क्षमता से 11 फीट 5 इंच कम पानी मौजूद है।
वहीं गोंदा (कांके) डैम का जलस्तर फिलहाल 20 फीट 1 इंच है। पिछले वर्ष 12 जुलाई को यहां 26 फीट 6 इंच पानी था। 28 फीट क्षमता वाले इस डैम में भी करीब 8 फीट कम पानी है। हालिया बारिश से कुछ सुधार जरूर हुआ है, लेकिन स्थिति अभी सामान्य नहीं हुई है।
Water Crisis Update: 11 प्रतिशत कम बारिश का असर डैमों पर साफ
मौसम के आंकड़ों के अनुसार रांची में 1 जून से 12 जुलाई तक केवल 251.07 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में औसतन 284 मिमी बारिश होनी चाहिए थी। यानी राजधानी में अब तक सामान्य से 11 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में लगभग 550 मिमी बारिश हुई थी।
कम बारिश का असर सीधे जलाशयों पर पड़ा है। शहर में प्रतिदिन जलापूर्ति के कारण तीनों डैमों का जलस्तर औसतन एक इंच घट जाता है। रूक्का, हटिया और गोंदा डैम से करीब पांच लाख लोगों को प्रतिदिन पेयजल उपलब्ध कराया जाता है।
Water Crisis Update: गाद भरने से घट रही डैमों की भंडारण क्षमता
विशेषज्ञों के अनुसार रूक्का और कांके डैम में लगातार गाद भरने से उनकी वास्तविक जल भंडारण क्षमता प्रभावित हुई है। रूक्का डैम में लगभग 14 फीट तक गाद जमा हो चुकी है, जिसके कारण कम जलस्तर होने पर पानी की आपूर्ति संभव नहीं हो पाती।
इसी तरह कांके (गोंदा) डैम में भी लगभग 7 फीट गाद भर चुकी है। ऐसे में जलस्तर सात फीट से नीचे जाने पर जलापूर्ति करना मुश्किल हो जाता है। यही कारण है कि सामान्य बारिश होने के बावजूद डैमों की उपयोगी जल क्षमता लगातार घटती जा रही है।
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