पुरी रथ यात्रा 2026 के लिए रांची से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रवाना हो रहे हैं। फ्लाइट की 80 प्रतिशत से अधिक सीटें बुक, किराया चार गुना तक बढ़ा और ट्रेनों में लंबी वेटिंग।
Puri Rath Yatra 2026 रांची: ओडिशा के पुरी में आयोजित होने वाली विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। रांची समेत झारखंड के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचने की तैयारी में जुटे हैं। यात्रा की बढ़ती मांग के कारण रेल और हवाई टिकटों की बुकिंग तेजी से बढ़ गई है, जबकि किराए में भी भारी इजाफा देखने को मिल रहा है।
Puri Rath Yatra 2026:फ्लाइट की 80 प्रतिशत से अधिक सीटें बुक
ट्रैवल एजेंटों के अनुसार 13 से 15 जुलाई के बीच रांची से भुवनेश्वर जाने वाली उड़ानों की 80 प्रतिशत से अधिक सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं। बढ़ती मांग के चलते हवाई किराया सामान्य दिनों की तुलना में लगभग चार गुना तक बढ़ गया है। इन दिनों रांची से भुवनेश्वर का विमान किराया करीब 19 हजार से 22 हजार रुपये तक पहुंच गया है।
Puri Rath Yatra 2026:तपस्विनी एक्सप्रेस में लंबी वेटिंग
रेल मार्ग से पुरी जाने वाले श्रद्धालुओं को भी कन्फर्म टिकट मिलने में परेशानी हो रही है। हटिया से पुरी जाने वाली प्रमुख तपस्विनी एक्सप्रेस में एसी और स्लीपर दोनों श्रेणियों में लंबी वेटिंग चल रही है। स्लीपर श्रेणी में वेटिंग 50 के पार पहुंच चुकी है, जिससे यात्रियों की चिंता बढ़ गई है।
Key Highlights:
पुरी रथ यात्रा में शामिल होने के लिए रांची से बड़ी संख्या में श्रद्धालु रवाना।
13 से 15 जुलाई तक भुवनेश्वर जाने वाली फ्लाइट की 80 प्रतिशत से अधिक सीटें बुक।
फ्लाइट किराया बढ़कर 19 हजार से 22 हजार रुपये तक पहुंचा।
हटिया से पुरी जाने वाली तपस्विनी एक्सप्रेस में सभी श्रेणियों में लंबी वेटिंग।
हर वर्ष रांची से करीब 10 हजार श्रद्धालु पुरी रथ यात्रा में शामिल होते हैं।
Puri Rath Yatra 2026:हर साल 10 हजार श्रद्धालु जाते हैं पुरी
झारखंड टूर एंड ट्रैवल्स एसोसिएशन के अनुसार रांची से हर वर्ष करीब 10 हजार श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा में शामिल होने के लिए पुरी जाते हैं। इनमें रथ यात्रा से पहले के तीन दिनों में लगभग 3 हजार श्रद्धालु रेल मार्ग से, करीब 600 यात्री हवाई मार्ग से और 5 हजार से अधिक लोग निजी वाहनों से यात्रा करते हैं।
Puri Rath Yatra 2026:निजी वाहनों का किराया भी बढ़ा
रथ यात्रा के दौरान परिवहन की मांग बढ़ने से निजी वाहनों का किराया भी काफी बढ़ गया है। छोटे वाहनों का किराया 20 हजार से 22 हजार रुपये तक पहुंच गया है, जबकि एसयूवी वाहन के लिए 30 हजार से 35 हजार रुपये तक चुकाने पड़ रहे हैं। बढ़ते किराए और टिकटों की कमी के कारण श्रद्धालुओं को अतिरिक्त खर्च और यात्रा संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
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