रांची : झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने विधानसभा चुनाव के दौरान पारा शिक्षकों के स्थायीकरण का समर्थन किया था। लिहाजा, सरकार गठन के बाद से ही एकीकृत पारा शिक्षक संघर्ष मोर्चा के द्वारा स्थायीकरण और नियमावली की मांग की जा रही है। इस बीच स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता मंत्री जगरनाथ महतो ने शिक्षकों के स्थायीकरण को लेकर हरी झंडी दे दी है।
लेकिन, बड़ा सवाल यह है कि, क्या झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार का खजाना इतना भरा है कि, 65000 पारा शिक्षकों के स्थायीकरण का आर्थिक बोझ उठा पाएगी। इस बाबत पूछने पर राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव कहते हैं कि, अगर स्थितियां सामान्य रही तो राशि जुटाने में दिक्कत नहीं होगी। लेकिन कोरोना की मार अगर एक बार फिर पडी तो मुश्किल आ सकती है। फिर भी उन्होंने भरोसा दिलाया है कि, पारा शिक्षकों के स्थायीकरण के बाद आर्थिक बोझ उठाने के लिए राज्य सरकार तैयार है।
रिपोर्ट : शहनवाज़ इदरीसी


















