JSLPS Women Protest: पूर्वी सिंहभूम ज़िले में झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) से जुड़ी महिलाओं ने कई मुद्दों पर शिकायत करने के लिए डिप्टी कमिश्नर के ऑफ़िस का दौरा किया। उन्होंने क्लस्टर सिस्टम में बदलाव, कथित गड़बड़ियों की जांच और संबंधित अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की।
क्लस्टर में बदलाव को लेकर असंतोष
महिलाओं का कहना है कि क्लस्टर स्तर पर कई तरह की गड़बड़ियां हो रही हैं, जिससे स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी महिलाओं को योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका आरोप है कि जो महिलाएं सिस्टम में बदलाव की मांग करती हैं, उन्हें पंचायत स्तर पर मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर उनके पदों से हटा दिया जाता है। इससे उनमें से कई को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा है।
उच्च-स्तरीय जांच की मांग
शिकायतकर्ताओं ने सदर ब्लॉक के सभी पांच क्लस्टरों की निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है। उनका मानना है कि ऐसी जांच से अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। महिलाओं का आरोप है कि योजनाओं का लाभ ग़रीब और ज़रूरतमंद लाभार्थियों तक समय पर नहीं पहुँच रहा है, जिससे वे सरकारी सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं।
अधिकारियों को बदलने की मांग
महिलाओं ने क्लस्टर कोऑर्डिनेटर मंजुरी मयाती को हटाने की भी मांग की। इसके अलावा, उन्होंने बागबेरा क्लस्टर से जुड़े कुछ अधिकारियों को बदलने की मांग की और कहा कि नई व्यवस्था से कामकाज में पारदर्शिता आएगी। उन्होंने ब्लॉक और ज़िला स्तर के कुछ अधिकारियों के प्रति भी असंतोष जताया और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
निष्पक्ष कार्रवाई के लिए डिप्टी कमिश्नर से अपील
महिलाओं ने डिप्टी कमिश्नर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषी पाए जाने वालों के ख़िलाफ़ ज़रूरी कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि SHGs से जुड़ी महिलाओं को सम्मानजनक माहौल और पारदर्शी व्यवस्था मिलनी चाहिए, ताकि वे बिना किसी दबाव के अपना काम कर सकें। अब तक इस मामले पर ज़िला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। महिलाओं की शिकायत के बाद अब सबकी नज़रें आगे होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
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