JPSC Exam Controversy: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच कर रहे क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने एक अहम कदम उठाते हुए TSR डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। JPSC परीक्षा में अनियमितताओं के मामले की जांच में इस कार्रवाई को बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। CID के अनुसार, यह कार्रवाई CID पुलिस स्टेशन केस नंबर 16/2026 के तहत की गई। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह और संजय कुमार के तौर पर हुई है।
रांची के दो होटलों में छापेमारी
रांची पुलिस के साथ मिलकर, CID ने शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में स्थित दो होटलों में छापेमारी की। इस ऑपरेशन के दौरान, तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया गया और बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले में पांच अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार किए गए सभी लोगों से पूछताछ करके मामले से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है।
SIT पूरे मामले की जांच कर रही है
CID ने JPSC परीक्षा में अनियमितताओं के मामले की जांच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है। SIT अब तक मिले दस्तावेजों, डिजिटल सबूतों और अन्य जानकारियों के आधार पर गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसी ने कहा कि उपलब्ध सबूतों के आधार पर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और ज़रूरत पड़ने पर अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जाएगी।
पुलिस रिमांड में पूछताछ
CID ने पहले गिरफ्तार किए गए आरोपियों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है और उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। जांच का मकसद परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं में शामिल पूरे नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाना और उन लोगों की पहचान करना है जिनकी इसमें भूमिका हो सकती है। जांच अधिकारी विभिन्न तकनीकी और दस्तावेजी सबूतों का भी विश्लेषण कर रहे हैं।
CID ने जनता से सहयोग मांगा
CID ने इस मामले में आम जनता से भी सहयोग की अपील की है। विभाग ने कहा है कि JPSC परीक्षा में अनियमितताओं के बारे में जानकारी, दस्तावेज या अन्य महत्वपूर्ण विवरण रखने वाला कोई भी व्यक्ति मोबाइल नंबर 9934309058 या ईमेल आईडी complainjpsc-cid@jhpolice.gov.in के माध्यम से उन्हें जानकारी दे सकता है। विभाग ने भरोसा दिलाया है कि जानकारी देने वाले की पहचान और गोपनीयता पूरी तरह सुरक्षित रखी जाएगी। CID का कहना है कि जांच चल रही है और उपलब्ध सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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