JPSC CID Investigation: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में कथित गड़बड़ियों की जांच कर रही CID ने मामले में अपनी कार्रवाई तेज़ कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने JPSC के पूर्व चेयरमैन एल. खियांगटे का पासपोर्ट ज़ब्त कर लिया है; हालांकि, अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, CID अधिकारियों ने मंगलवार को एल. खियांगटे से लगभग आठ घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ के बाद एजेंसी ने यह कदम उठाया। उन्हें बुधवार को आगे की पूछताछ के लिए भी बुलाया गया है। CID मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें परीक्षा प्रक्रिया, आयोग का कामकाज और कथित गड़बड़ियां शामिल हैं।
JPSC मुख्यालय और आवास पर पहले की गई कार्रवाई
CID ने JPSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच के दौरान पहले भी महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। एजेंसी ने एल. खियांगटे के आवास और JPSC कार्यालय पर छापेमारी की थी और कई दस्तावेज़ों व रिकॉर्ड की जांच की थी। जांच के दौरान, CID को महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और डिजिटल सबूत मिले। इन सबूतों और आयोग के अन्य अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर, पूर्व चेयरमैन को पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
CM के निर्देश पर जांच शुरू हुई
JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली और गड़बड़ियों के बारे में लगातार शिकायतें सामने आ रही थीं। नतीजतन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशों के बाद जांच प्रक्रिया में तेज़ी लाई गई। CID और रांची पुलिस की एक संयुक्त टीम ने JPSC मुख्यालय में कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान बरामद दस्तावेज़ों और अन्य सबूतों के आधार पर पांच लोगों को गिरफ़्तार किया गया। गिरफ़्तार लोगों में JPSC की परीक्षा उप-नियंत्रक श्वेता गुप्ता और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी से जुड़े अभय कुमार तिवारी शामिल हैं। इन गिरफ़्तारियों के बाद, जांच एजेंसी ने आयोग के तत्कालीन चेयरमैन की भूमिका की जांच शुरू की।
एल. ख्यांगते ने इस्तीफ़े का कारण पारदर्शिता बताया
अपने पद से इस्तीफ़ा देते हुए, एल. ख्यांगते ने कहा कि उन्होंने यह फ़ैसला इसलिए लिया ताकि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से हो सके। उन्होंने कहा कि उनके इस्तीफ़े के पीछे कोई राजनीतिक या प्रशासनिक दबाव नहीं था। इस बीच, मामले में गिरफ़्तार परीक्षा उप-नियंत्रक श्वेता गुप्ता ने CID की पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण जानकारी दी है। जांच एजेंसी उनके बयानों के आधार पर अपनी अगली कार्रवाई की योजना बना रही है।
दस्तावेज़ों और बयानों के आधार पर आगे बढ़ेगी जांच
CID अभी तक मिले दस्तावेज़ों और डिजिटल सबूतों का मिलान पूछताछ में सामने आए तथ्यों से कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि JPSC भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी किस चरण में हुई और इसमें किन लोगों की भूमिका थी। इस मामले की जांच चल रही है और आने वाले दिनों में CID की ओर से आगे की कार्रवाई की उम्मीद है।
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