झारखंड भर्ती परीक्षा घोटाले में सीआईडी ने जेपीएससी के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते से 8 घंटे पूछताछ की। ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को काम देने और अमेरिकी दौरे पर सवाल, पासपोर्ट जब्त।
JPSC Exam Scam रांची: झारखंड की भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली की जांच तेज हो गई है। इस मामले में अपराध अनुसंधान विभाग ने मंगलवार को झारखंड लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। जांच का मुख्य फोकस ब्लैकलिस्टेड एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड को परीक्षा संचालन का जिम्मा सौंपने की प्रक्रिया पर रहा। पूछताछ के दौरान उनके विदेश दौरे से जुड़े सवाल भी पूछे गए। जांच के दौरान उनका पासपोर्ट जब्त कर लिया गया ताकि वे देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकें। सीआईडी उनके जवाबों से संतुष्ट नहीं हुई और उन्हें बुधवार को फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
JPSC Exam Scam: ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को काम देने पर उठे सवाल
एल ख्यांगते मंगलवार सुबह डोरंडा स्थित सीआईडी मुख्यालय पहुंचे, जहां अधिकारियों ने उनसे पहले से तैयार सवालों के आधार पर लंबी पूछताछ की। सीआईडी ने पूछा कि ब्लैकलिस्टेड कंपनी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड को परीक्षा संचालन का कार्य किस आधार पर दिया गया।
इस पर ख्यांगते ने कहा कि उन्हें एजेंसी के ब्लैकलिस्टेड होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि एजेंसी का चयन सभी वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करते हुए किया गया था। यदि कंपनी पहले से ब्लैकलिस्टेड थी और किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो उसकी विस्तृत जांच कराई जानी चाहिए। सीआईडी ने एजेंसी के भौतिक और कानूनी सत्यापन से जुड़े दस्तावेजों और प्रक्रिया पर भी उनसे सवाल किए।
Key Highlights
जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल ख्यांगते से सीआईडी ने आठ घंटे पूछताछ की।
ब्लैकलिस्टेड एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग को काम देने पर उठे सवाल।
विदेश यात्रा की जांच के बीच ख्यांगते का पासपोर्ट जब्त किया गया।
पांच आरोपियों की रिमांड समाप्त होने के बाद तीन अन्य से होगी पूछताछ।
जेपीएससी में कार्यवाहक अध्यक्ष की नियुक्ति वरिष्ठता विवाद में फंसी।
JPSC Exam Scam: अमेरिकी दौरे और खर्च का भी मांगा गया ब्योरा
जांच के दौरान सीआईडी ने एल ख्यांगते से उनके अमेरिका दौरे के संबंध में भी पूछताछ की। अधिकारियों ने जानना चाहा कि वे अमेरिका किस उद्देश्य से गए थे और इस यात्रा पर कितना खर्च हुआ। पूछताछ के दौरान जेपीएससी की तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता को भी आमने-सामने बैठाकर सवाल पूछे गए, ताकि टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग के चयन और टेंडर प्रक्रिया को लेकर दोनों के बयानों का मिलान किया जा सके।
JPSC Exam Scam: पांच आरोपियों की रिमांड खत्म, तीन अन्य की होगी पूछताछ
सीआईडी ने रिमांड पर लिए गए पांच आरोपियों से मंगलवार को लगातार चौथे दिन पूछताछ की। इनकी रिमांड बुधवार को समाप्त हो रही है। इनमें तत्कालीन उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता, टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग के निदेशक रामवीर सिंह, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी तथा तकनीकी प्रोग्रामर मोहम्मद उस्मान और मोहम्मद एबाद शामिल हैं।
वहीं, हेमंत वर्मा, प्रदीप कुमार सिंह और संजय कुमार को बुधवार को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। सीआईडी का मानना है कि इनसे पूछताछ में परीक्षा संचालन और कथित धांधली से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।
JPSC Exam Scam: जेपीएससी में कार्यवाहक अध्यक्ष को लेकर बना असमंजस
एल ख्यांगते के इस्तीफे के बाद जेपीएससी अध्यक्ष का पद फिलहाल खाली है। हालांकि कार्यवाहक अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। आयोग की तीनों मौजूदा सदस्य अनिमा हांसदा, अजीता भट्टाचार्य और डॉ. जमाल अहमद ने 25 सितंबर 2021 को एक ही दिन और एक ही समय सुबह 11 बजकर 47 मिनट पर पदभार ग्रहण किया था। ऐसे में तीनों की वरिष्ठता समान मानी जा रही है, जिससे कार्यवाहक अध्यक्ष तय करने में प्रशासनिक असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
इससे पहले वर्ष 2022 में भी तत्कालीन अध्यक्ष अमिताभ चौधरी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ऐसी ही स्थिति बनी थी। उस समय स्वतंत्रता दिवस पर तीनों सदस्यों ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया था।
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