Jamshedpur House Demolition Notice: भुइयांडीह इलाके में प्रशासन द्वारा घर खाली करने और उन्हें गिराने के नोटिस जारी करने के बाद स्थानीय लोगों में नाराज़गी है। प्रभावित परिवारों की एक बड़ी संख्या डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय पहुंची और प्रशासन से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। इस दौरान, निवासियों ने पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता और मेयर सुधा गुप्ता की गाड़ियों को भी रोका और अपने घरों को बचाने की गुहार लगाई।
6 अगस्त तक घर खाली करने का नोटिस
स्थानीय लोगों के अनुसार, भुइयांडीह के कल्याण नगर, इंदिरा नगर और होमपाइप इलाकों के निवासियों को 6 अगस्त तक अपने घर खाली करने के नोटिस दिए गए हैं। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेश के पालन में, प्रशासन ने नदी के किनारे बने 161 से ज़्यादा चिन्हित घरों को हटाने और आगे की कार्रवाई करने की तैयारी की है।
प्रभावित परिवारों में चिंता
नोटिस मिलने पर प्रभावित परिवारों ने चिंता जताई और कहा कि जिन घरों में वे सालों से रह रहे हैं, उन्हें अचानक खाली करने के आदेश ने उनके सामने एक बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। उनका कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक आवास व्यवस्था के घर छोड़ना बेहद मुश्किल होगा। इसलिए, वे प्रशासन से राहत की अपील करने के लिए डिप्टी कमिश्नर के कार्यालय पहुंचे।
बन्ना गुप्ता ने पुनर्वास की मांग की
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि किसी भी परिवार का घर गिराने से पहले पुनर्वास की व्यवस्था करना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के लिए मुख्य चिंता यह है कि घर खाली करने के बाद वे कहाँ जाएँगे; इसलिए, प्रशासन को आगे की कोई भी कार्रवाई करने से पहले पुनर्वास सुनिश्चित करना चाहिए।
प्रशासन के फैसले पर सबकी नज़रें
फिलहाल, प्रभावित परिवार प्रशासन से सकारात्मक समाधान की उम्मीद कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन वैकल्पिक आवास व्यवस्था किए बिना कोई भी कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। अब इस मामले में प्रशासन के अगले कदम पर सबकी नज़रें टिकी हैं।
Highlights



















