शराब घोटाले में आरोपी IAS विनय चौबे जेल से बाहर आ चुके हैं। अब ACB ने जांच तेज कर दी है और आरोपियों से पूछताछ के बाद जल्द उन्हें बुलाने की तैयारी है।
IAS Vinay Choubey रांची: शराब घोटाले में आरोपी भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी विनय चौबे की मुश्किलें कम होती नहीं दिख रही हैं। विभिन्न मामलों में जमानत मिलने के बाद करीब 430 दिनों तक जेल में रहने के बाद वह सात अगस्त को जेल से बाहर आए हैं। इसी बीच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने शराब घोटाले की जांच तेज कर दी है।
पिछले एक सप्ताह से मामले में आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के दौरान एसीबी का मुख्य फोकस आरोपियों के विनय चौबे से संबंध, शराब कारोबार से जुड़े कार्यों के आवंटन में उनकी भूमिका और कथित वित्तीय लेनदेन पर है। सूत्रों के अनुसार, अन्य आरोपियों से पूछताछ पूरी होने के बाद एसीबी विनय चौबे को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है।
IAS Vinay Choubey: आरोपियों से पूछताछ में विनय चौबे की भूमिका पर फोकस
एसीबी अधिकारियों की पूछताछ में यह जानने की कोशिश की जा रही है कि आरोपियों का विनय चौबे से किस तरह का संपर्क था और शराब कारोबार से जुड़े कार्यों के आवंटन में उनकी क्या भूमिका रही।
गत शुक्रवार को झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के आईटी मैनेजर अमर कुमार मेहता से भी पूछताछ की गई। उनसे डिजिटल ट्रैक एंड ट्रेस सिस्टम की मॉनिटरिंग को लेकर सवाल किए गए।
इसके अलावा होलोग्राम तैयार करने और उसकी मॉनिटरिंग का काम विधु गुप्ता को किस प्रक्रिया के तहत मिला और इसमें तत्कालीन उत्पाद सचिव विनय चौबे की क्या भूमिका थी, इस बारे में भी जानकारी ली गई।
इससे एक दिन पहले नेक्सजेन के सीईओ अरुण कुमार सिंह से एसीबी ने पूछताछ की थी। उनसे विनय चौबे के साथ कथित लेनदेन और उनके परिवार के सदस्यों के साथ हुए वित्तीय लेनदेन से संबंधित सवाल पूछे गए। एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि संबंधित रकम का निवेश कहां-कहां किया गया।
Key Highlights
शराब घोटाले में एसीबी ने जांच का दायरा और तेज कर दिया है।
पिछले एक सप्ताह से मामले से जुड़े आरोपियों से लगातार पूछताछ हो रही है।
पूछताछ में विनय चौबे से संबंध और कार्यों के आवंटन में उनकी भूमिका पर सवाल पूछे जा रहे हैं।
एसीबी अन्य आरोपियों से पूछताछ के बाद विनय चौबे को भी बुला सकती है।
विनय चौबे करीब 430 दिनों तक जेल में रहने के बाद सात अगस्त को बाहर आए हैं।
IAS Vinay Choubey: 20 मई 2025 को हुई थी पहली गिरफ्तारी
शराब घोटाले के मामले में एसीबी ने विनय चौबे के खिलाफ 20 मई 2025 को कांड संख्या 9 2025 दर्ज की थी और उन्हें पहली बार गिरफ्तार किया था। इस मामले में 19 अगस्त 2025 को उन्हें जमानत मिल गई थी। हालांकि इसके बाद उनके खिलाफ अन्य मामलों में कार्रवाई जारी रही, जिसके कारण वह जेल से बाहर नहीं आ सके।
विनय चौबे के खिलाफ अलग-अलग मामलों में भी जांच चल रही है। इनमें वन भूमि से जुड़ा मामला, आय से अधिक संपत्ति का मामला और खासमहाल जमीन से संबंधित मामला शामिल है।
वन भूमि गड़बड़ी के मामले में 31 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हुआ। इसके बाद सात अगस्त को वह करीब 430 दिनों के बाद जेल से बाहर आए।
IAS Vinay Choubey: अगले पखवाड़े में हो सकती है विनय चौबे से पूछताछ
एसीबी फिलहाल शराब घोटाले से जुड़े अन्य आरोपियों से पूछताछ कर रही है। एजेंसी यह समझने की कोशिश कर रही है कि शराब कारोबार से जुड़े फैसलों और कार्यों के आवंटन में किसकी क्या भूमिका थी।
सूत्रों के अनुसार, अगले सप्ताह तक अन्य आरोपियों से पूछताछ का दौर जारी रह सकता है। इसके बाद विनय चौबे को पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी है। एसीबी आरोपियों के बयानों और अब तक जुटाए गए दस्तावेजों के आधार पर उनसे सवाल कर सकती है।
जांच एजेंसी के लिए यह भी अहम होगा कि पूछताछ के दौरान सामने आए बयानों और दस्तावेजों में विनय चौबे की भूमिका से जुड़े आरोपों की पुष्टि किस हद तक होती है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
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