Bihar Mining 2026, पटना: बिहार सरकार राज्य में उपलब्ध खनिज संसाधनों के इस्तेमाल को विकास और जनकल्याण से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को कहा कि राज्य के 44 माइनिंग ब्लॉकों का सर्वे कराया जाएगा और रिकॉर्ड नौ महीने के भीतर खनन ब्लॉकों को शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा। मुख्यमंत्री होटल मौर्या में कोयला एवं खान मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आयोजित महत्वपूर्ण एवं सामरिक खनिज ब्लॉकों की नीलामी एवं एनएमईडीटी कार्यशाला के उद्घाटन कार्यक्रम में बोल रहे थे।
44 माइनिंग ब्लॉकों में 28 का सर्वे आगे बढ़ा
मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में 44 माइनिंग ब्लॉकों को लेकर प्रक्रिया चल रही है। इनमें से 28 माइनिंग ब्लॉकों में सर्वे का काम आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि 30 सितंबर से पहले 30 से अधिक माइनिंग ब्लॉकों का आवंटन करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके बाद 15 अक्टूबर से बिहार में खनन कार्य शुरू करने की दिशा में पहल होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज ब्लॉकों से जुड़ी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अधिकारी काम कर रहे हैं और सरकार इसे निर्धारित समय में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
खनिज संपदा का लाभ जनता को देने पर जोर
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग जनता के हित में किया जाएगा। खनिजों से मिलने वाली रॉयल्टी का इस्तेमाल बिहार की जनता के कल्याण और राज्य के विकास के लिए किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि खनिज संपदा का किसी भी स्तर पर दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा। साथ ही विकास कार्यों के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासतों के संरक्षण पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधारभूत संरचनाओं के निर्माण में पत्थर सहित कई खनिज तत्वों की जरूरत होती है। ऐसे में राज्य में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग विकास कार्यों को गति देने में सहायक होगा।

रोहतास, औरंगाबाद समेत इन जिलों में खनिज संसाधन
मुख्यमंत्री ने बिहार के अलग-अलग जिलों में मौजूद खनिज संसाधनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि रोहतास में लाइम स्टोन और औरंगाबाद में बड़ा मिनरल बेल्ट रिसोर्स है। इसके अलावा जहानाबाद और जमुई में मैग्नेट तथा गया, बांका और भागलपुर में भी खनिज संसाधनों की उपलब्धता का उल्लेख किया गया। उन्होंने इन संसाधनों के समुचित उपयोग की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में संसाधनों की कमी नहीं है और इनका भरपूर उपयोग करते हुए विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

नवंबर तक 5 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य
खनन क्षेत्र के साथ निवेश को बढ़ावा देने पर भी सरकार का जोर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खनिज केंद्र स्थापित करने के साथ नवंबर तक 5 लाख करोड़ रुपये के निवेश लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने निवेशकों से बिहार में खुले मन से निवेश करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योगों की स्थापना के लिए निवेशकों को कई तरह की रियायतें दी जा रही हैं और बिहार सरकार हरसंभव सहयोग करेगी। उन्होंने निवेशकों को राज्य में सुरक्षित माहौल में निर्भीक होकर काम करने का भरोसा भी दिया।

कार्यक्रम में कई अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने मुख्यमंत्री को हरित पौधा, अंगवस्त्र और प्रतीक चिह्न भेंटकर स्वागत किया। उन्होंने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कोयला एवं खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव कदम संदीप वी. ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस अवसर पर खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अवनीश कुमार सिंह और कोयला एवं खान मंत्रालय के निदेशक आशीष सक्सेना सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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