Bihar Cooperative Banks Modernization: बिहार में सहकारिता क्षेत्र को अधिक मजबूत, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। इसी क्रम में 22 अगस्त 2026 को सहकारिता विभाग के सचिव की अध्यक्षता में राज्यस्तरीय उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति, तकनीकी आधुनिकीकरण, डिजिटल बैंकिंग और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के साथ सदस्यों और आम लोगों को बेहतर बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना रहा।
बैंक की वित्तीय स्थिति और लाभप्रदता की हुई समीक्षा
बैठक में सहकारी बैंकों की वर्तमान वित्तीय स्थिति, जमा, ऋण और लाभप्रदता से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैंक के वित्तीय प्रदर्शन को बेहतर बनाने और निर्धारित लक्ष्यों को हासिल करने के लिए आवश्यक रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। अधिकारियों ने बैंकिंग व्यवस्था की वित्तीय मजबूती बनाए रखने और कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसके साथ ही सहकारिता क्षेत्र से जुड़े सदस्यों और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए आवश्यक कदमों पर भी चर्चा हुई।
TAP और RBI Governance Policy पर भी फोकस
बैठक में TAP (Turn Around Plan) की प्रगति और उसके प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। बैंक के संचालन को अधिक सक्षम और परिणामोन्मुख बनाने के लिए योजना के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। इसके अलावा RBI Governance Policy के अनुरूप बैंकिंग व्यवस्था में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने से जुड़े विषयों की भी समीक्षा हुई। नियामकीय मानकों और निर्धारित प्रावधानों के अनुपालन पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई।
डिजिटल बैंकिंग और तकनीकी आधुनिकीकरण को बढ़ावा
सहकारी क्षेत्र में डिजिटल बैंकिंग और तकनीकी नवाचार को आधुनिकीकरण का महत्वपूर्ण माध्यम बताया गया। बैठक में बैंकिंग सेवाओं को अधिक सुगम, सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल की समीक्षा की गई। डिजिटल माध्यमों को मजबूत करने तथा तकनीकी बदलावों को सहकारी बैंकिंग व्यवस्था में प्रभावी तरीके से लागू करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। इसका उद्देश्य सदस्यों और ग्राहकों को बेहतर एवं सुविधाजनक बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराना है।
PACS Computerization से पारदर्शिता बढ़ाने की तैयारी
बैठक में PACS Computerization की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्राथमिक कृषि साख समितियों को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए कंप्यूटरीकरण को महत्वपूर्ण कदम बताया गया। कंप्यूटरीकरण के जरिए PACS की कार्यप्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई, ताकि सहकारिता क्षेत्र के माध्यम से योजनाओं का लाभ लक्षित वर्गों तक बेहतर तरीके से पहुंचाया जा सके।
बिहार राज्य सहकारिता नीति 2026 के क्रियान्वयन पर जोर
बैठक में बिहार राज्य सहकारिता नीति, 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। नीति के उद्देश्यों के अनुरूप सहकारिता क्षेत्र को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए आवश्यक कार्रवाई पर जोर दिया गया। बैठक में सहकारी संस्थाओं की भूमिका को राज्य के विकास से जोड़ने और उनकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई। बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह, वेजफेड के प्रबंध निदेशक मनोज कुमार सिंह, अपर निबंधक सहयोग समितियां विकास कुमार बरियार, बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार पासवान सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

यह भी पढ़ें: Chumba PCC Road Construction: मुखिया की पहल रंग लाई, उपायुक्त के निर्देश पर चुम्बा में सड़क की मापी शुरू
Highlights



















