Bihar Women Schemes 2026: रक्षाबंधन के अवसर पर बिहार सरकार ने महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए तीन महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना के ज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस दीदी (अभया ब्रिगेड) के लिए 4,700 स्कूटर और मोटरसाइकिल का लोकार्पण एवं फ्लैग ऑफ किया। इस दौरान पुलिस दीदी की महिला पुलिसकर्मियों ने मुख्यमंत्री को राखी भी बांधी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षित, शिक्षित और आत्मनिर्भर महिलाएं ही समृद्ध बिहार के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
पुलिस दीदी को मिले 4,700 दोपहिया वाहन
मुख्यमंत्री ने पुलिस दीदी यानी अभया ब्रिगेड की महिला पुलिसकर्मियों के लिए 4,700 स्कूटर और मोटरसाइकिल का लोकार्पण किया। इन वाहनों के माध्यम से महिला पुलिसकर्मी स्कूल-कॉलेज की छात्राओं की सुरक्षा और संरक्षण के साथ महिला सुरक्षा से जुड़े कार्यों को अधिक प्रभावी तरीके से संचालित करेंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पुलिस में करीब 40 हजार महिला पुलिसकर्मी हैं। उन्होंने महिला पुलिस बल की बड़ी संख्या को राज्य की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक बताया।
बालिका PhD Fellowship से उच्च शिक्षा को बढ़ावा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना की भी शुरुआत की गई। इसके तहत लगभग 1,000 छात्राओं को चार वर्षों तक हर महीने 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य बेटियों को उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और शोध में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है।
महिला उद्यमियों के लिए Startup Challenge
मुख्यमंत्री ने बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना का भी शुभारंभ किया। इसके तहत महिला उद्यमियों को नवाचार और उद्यम को आगे बढ़ाने के लिए 50 हजार रुपये से 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस योजना से 2,100 महिलाओं को लाभ मिलने की बात कही गई है। सरकार का उद्देश्य महिला उद्यमिता, नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है।

एक करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था में जीविका दीदियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उनके अनुसार, राज्य की 43 लाख जीविका दीदियां लखपति दीदी बन चुकी हैं और आने वाले वर्षों में एक करोड़ और जीविका दीदियों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और अन्य क्षेत्रों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का अभियान जारी रहेगा। सरकार का लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को विभिन्न रोजगार गतिविधियों से जोड़ना है।

महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपातकालीन सेवा 112 का रिस्पॉन्स टाइम 10 मिनट से कम हो गया है और नई व्यवस्थाओं के बाद इसे 5 से 7 मिनट से भी कम करने का लक्ष्य है। इसका उद्देश्य जरूरत के समय महिलाओं सहित सभी नागरिकों को तेजी से सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की उन्नति ही बिहार की प्रगति है। बेटियों और बहनों की सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा और आत्मनिर्भरता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंचायतों और नगर निकायों के चुनाव में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। उनके अनुसार, बिहार में करीब 59 प्रतिशत महिलाएं जनप्रतिनिधि के रूप में चुनी जाती हैं। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी समेत कई वरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में पुलिस दीदियां मौजूद रहीं।



















