Kishanganj Ganja Smuggling: बिहार के किशनगंज जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। कोचाधामन थाना क्षेत्र के पुनास गांव में वाहन जांच के दौरान पुलिस ने 80.900 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद करते हुए दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार बरामद गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 42 लाख रुपये है। गिरफ्तार आरोपितों के पास से 14,820 रुपये नकद और मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। आरोपितों की पहचान उत्तराखंड के देहरादून निवासी 59 वर्षीय विपिन पवार और किशनगंज के खगड़ा मझिया टोला निवासी 56 वर्षीय मुजिबुर रहमान के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक विपिन पवार पूर्व सैनिक रह चुका है।
एसपी की सूचना पर विशेष टीम ने की कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार को 26 अगस्त को सूचना मिली थी कि एक चार पहिया वाहन से गांजे की बड़ी खेप किशनगंज से कोचाधामन होते हुए दरभंगा ले जाई जा रही है। सूचना के आधार पर एसडीपीओ-2 मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में एएनटीएफ किशनगंज के अलावा कोचाधामन थाना और धनपुरा पिकेट के पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मियों को शामिल किया गया। टीम ने पुनास गांव की मुख्य सड़क पर वाहन जांच शुरू की। इसी दौरान रहमतपाड़ा चौक की ओर से तेज रफ्तार में आ रही सफेद रंग की कार को घेराबंदी कर रोका गया। पुलिस के अनुसार वाहन का नंबर BR-11-BZ-1165 है। तलाशी के दौरान कार की डिक्की में रखे सूटकेस और बैग से 80.900 किलो गांजा बरामद हुआ।
असम से गांजा लाकर दरभंगा पहुंचाने का आरोप
एसपी संतोष कुमार के अनुसार, पूछताछ में विपिन पवार ने बताया कि असम से गांजा लाकर दरभंगा के तस्करों तक पहुंचाया जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। जांच एजेंसियां गांजा तस्करी के नेटवर्क का बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाल रही हैं। बरामद मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण भी किया जा रहा है, ताकि कथित तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।
तस्करी नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस के अनुसार अपराध से अर्जित अवैध संपत्ति का पता लगाने और नियमानुसार उसे जब्त करने की कार्रवाई भी की जाएगी। मामले में कोचाधामन थाना कांड संख्या 451/26, दिनांक 26 अगस्त 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने NDPS Act की धारा 8(c), 20(b)(ii)(c) और 29 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। अब पुलिस का फोकस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी पर है।


















