Jharkhand Education Department Transfer: 3, 6 और 8 साल से एक ही जगह जमे लिपिकों का तबादला, शिक्षा विभाग ने जारी किया आदेश

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Jharkhand Education Department Transfer
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Jharkhand Education Department Transfer, रांची: उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद और रामगढ़ में शिक्षा विभाग ने बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया है। हाईकोर्ट के आदेश और सरकार के निर्देश के बाद गठित प्रमंडलीय स्थापना समिति की बैठक में लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मचारियों के तबादले का निर्णय लिया गया। विभागीय स्तर पर 12 सितंबर को कार्यालय आदेश जारी किए गए। इसके साथ ही नियमावली 2010 के तहत कर्मचारियों को जिला और प्रमंडल संवर्ग चुनने का एकबारीय अवसर दिया गया। संवर्ग निर्धारण के बाद कर्मचारियों की पदस्थापना भी की गई है।

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3, 6 और 8 साल से एक ही जगह जमे कर्मचारियों का तबादला

शिक्षा विभाग की ओर से किए गए प्रशासनिक फेरबदल में अलग-अलग अवधि से एक ही स्थान या जिले में कार्यरत लिपिकों को शामिल किया गया है। चार श्रेणियों में किए गए तबादलों में एक ही जगह पर तीन साल से अधिक समय से कार्यरत 15 लिपिक शामिल हैं। इसके अलावा एक ही जिले में छह साल से अधिक समय से कार्यरत 27 लिपिकों का भी तबादला किया गया है। वहीं, आठ साल से एक ही जिले में कार्यरत नौ लिपिकों को भी नई जगह पदस्थापित किया गया है। इस फेरबदल का उद्देश्य लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मचारियों की पदस्थापना में बदलाव करना है।

गंभीर बीमारी और दिव्यांगता वाले 7 लिपिकों को राहत

तबादले की प्रक्रिया में गंभीर असाध्य रोग या दिव्यांगता प्रमाण पत्र वाले कर्मचारियों का भी ध्यान रखा गया है। ऐसे सात लिपिकों को सुविधाजनक स्थान पर पदस्थापित किया गया है। इस श्रेणी के कर्मचारियों के मामले में उनकी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नई पदस्थापना की गई है। इससे संबंधित कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल के संबंध में राहत मिलने की उम्मीद है।

134 लिपिकों का हुआ संवर्ग निर्धारण

विभागीय आदेश के अनुसार कुल 134 लिपिकों को जिला और प्रमंडल संवर्ग के विकल्प का अवसर दिया गया था। इनमें 102 लिपिकों ने प्रमंडल संवर्ग, जबकि 28 लिपिकों ने जिला संवर्ग का विकल्प चुना। जिला संवर्ग चुनने वाले 28 लिपिकों में से 26 को उनके आवंटित जिले में ही पदस्थापित कर दिया गया है। वहीं, प्रमंडल संवर्ग में शामिल 102 लिपिक अब उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले जिलों में सेवा दे सकेंगे। संवर्ग निर्धारण की यह प्रक्रिया नियमावली 2010 के तहत की गई है।

एक सप्ताह में नए स्थान पर योगदान का निर्देश

शिक्षा विभाग ने संबंधित नियंत्री पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि कर्मचारियों को एक सप्ताह के भीतर विरमित कर नए पदस्थापन स्थल पर योगदान सुनिश्चित कराया जाए। इसके साथ ही कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका में संवर्ग की प्रविष्टि दर्ज करना भी अनिवार्य किया गया है। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि भविष्य में संवर्ग परिवर्तन को लेकर किसी तरह का दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा।

शिक्षा प्रशासन में बदलाव की उम्मीद

उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के सात जिलों में हुए इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल से शिक्षा विभाग के कार्यालयों में कार्य व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद है। लंबे समय से एक ही जगह या जिले में कार्यरत कर्मचारियों के तबादले और संवर्ग निर्धारण के बाद विभागीय स्तर पर नई पदस्थापना व्यवस्था लागू होगी। हाईकोर्ट के आदेश और सरकार के निर्देश के बाद हुई इस प्रक्रिया में कर्मचारियों को संवर्ग चुनने का अवसर भी दिया गया। अब संबंधित कर्मचारियों को निर्धारित समय के भीतर नए पदस्थापन स्थल पर योगदान करना होगा।

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