Kedarnath Yatra: पैदल यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए Helmet अनिवार्य, 21 किमी रास्ते पर 13 डेंजर जोन

 केदारनाथ पैदल यात्रा में श्रद्धालुओं और घोड़े-खच्चर संचालकों के लिए हेलमेट अनिवार्य कर दिया गया है। 21 किमी मार्ग पर 13 भूस्खलन जोन संवेदनशील हैं।


Kedarnath Yatra नई दिल्ली: केदारनाथ धाम जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पैदल मार्ग पर हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण यात्रा मार्ग के कई हिस्से संवेदनशील बने हुए हैं। इसी को देखते हुए रुद्रप्रयाग प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर श्रद्धालुओं के लिए हेलमेट की अनिवार्यता लागू की है।

बारिश और भूस्खलन की स्थिति में सुधार के बाद मंगलवार सुबह केदारनाथ यात्रा फिर शुरू की गई। हालांकि श्रद्धालुओं को 100-100 के जत्थों में रवाना किया गया। प्रशासन की ओर से यात्रियों को हेलमेट पहनाकर यात्रा के लिए भेजा गया।

Kedarnath Yatra:21 किमी पैदल मार्ग पर 13 भूस्खलन जोन

सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक करीब 21 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग पर 13 ऐसे भूस्खलन जोन चिन्हित किए गए हैं, जहां बारिश के दौरान पहाड़ से पत्थर गिरने और भूस्खलन का खतरा बना रहता है।

मानसून के बीच हल्की बारिश होने पर भी इन संवेदनशील स्थानों पर पहाड़ दरकने की आशंका रहती है। इसी कारण प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए हेलमेट पहनना जरूरी किया है।

तीन दिन पहले केदारनाथ यात्रा मार्ग पर पहाड़ से पत्थर गिरने की घटना में एक श्रद्धालु की मौत हो गई थी। इसके अलावा बद्रीनाथ मार्ग पर भी पत्थर गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है।

Key Highlights

  • केदारनाथ पैदल यात्रा में श्रद्धालुओं के लिए हेलमेट अनिवार्य किया गया।
  • मंगलवार सुबह बारिश और भूस्खलन थमने के बाद यात्रा दोबारा शुरू हुई।
  • श्रद्धालुओं को 100-100 के जत्थों में केदारनाथ भेजा गया।
  • सोनप्रयाग से केदारनाथ तक 21 किमी पैदल मार्ग पर 13 डेंजर जोन हैं।
  • घोड़े-खच्चरों के मालिकों के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है।

Kedarnath Yatra:250 से ज्यादा हेलमेट खरीदे गए

जिला प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए 250 से अधिक हेलमेट खरीदे हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के अनुसार, श्रद्धालुओं को चीरबासा भूस्खलन जोन पार करने से पहले हेलमेट उपलब्ध कराया जाता है।

चीरबासा भूस्खलन जोन पार करने के बाद यात्रियों से हेलमेट वापस ले लिए जाते हैं और इन्हें दूसरे श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराया जाता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य सीमित संसाधनों के माध्यम से संवेदनशील हिस्सों में अधिक से अधिक यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

Kedarnath Yatra:घोड़े-खच्चर संचालकों के लिए भी हेलमेट जरूरी

प्रशासन ने केवल पैदल यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए ही नहीं, बल्कि यात्रा मार्ग पर घोड़े और खच्चर चलाने वाले मालिकों के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य किया है।

चारधाम यात्रा का दूसरा चरण मंगलवार से शुरू हो गया है। हालांकि मानसून के बीच केदारनाथ का पैदल मार्ग अब भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रशासन संवेदनशील भूस्खलन क्षेत्रों में यात्रियों की आवाजाही पर नजर रख रहा है और मौसम की स्थिति के अनुसार यात्रा को नियंत्रित किया जा रहा है।

 

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