Karma Mahotsav Koderma: झारखंड में प्रकृति पर्व करमा की रौनक दिखाई देने लगी है। कोडरमा जिले के चंदवारा प्रखंड स्थित जामु खाड़ी मैदान में घटवार आदिवासी महासभा की ओर से करमा महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव में महिलाएं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ करम डाल की पूजा कर रही हैं। इस दौरान भाई की लंबी उम्र, परिवार की सुख-समृद्धि और प्रकृति की रक्षा की कामना की जा रही है।
करम डाल की पूजा कर महिलाओं ने मांगा भाई की लंबी उम्र का वरदान
करमा पर्व आदिवासी समाज के प्रमुख प्रकृति पर्वों में से एक है। इस अवसर पर महिलाएं करम डाल की पूजा करती हैं और उसमें रक्षा सूत्र बांधकर अपने भाइयों की लंबी उम्र की कामना करती हैं। चंदवारा के जामु खाड़ी मैदान में आयोजित महोत्सव में महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं। विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हुए उन्होंने प्रकृति के हरे-भरे रहने और परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। हालांकि करमा पर्व समाज के विभिन्न वर्गों में मनाया जाता है, लेकिन आदिवासी समुदाय के लिए इसका विशेष सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व है। यह पर्व प्रकृति, कृषि, भाई-बहन के स्नेह और सामुदायिक एकजुटता से जुड़ा हुआ है।
आदिवासी नृत्य और झूमर ने बढ़ाई महोत्सव की रौनक
करमा महोत्सव के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं ने आकर्षक आदिवासी नृत्य प्रस्तुत किया। पारंपरिक नृत्य और वेशभूषा के माध्यम से छात्राओं ने आदिवासी संस्कृति की सुंदर झलक पेश की। वहीं, महोत्सव में शामिल महिलाएं झूमर नृत्य करती नजर आईं। मांदर की थाप पर लोग उत्साह के साथ झूमते रहे। गीत-संगीत और नृत्य के बीच करमा पर्व का उल्लास पूरे मैदान में दिखाई दिया।

जल, जंगल और प्रकृति की सुरक्षा का संदेश
आयोजकों के अनुसार, करमा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह प्रकृति और पर्यावरण के प्रति आदिवासी समाज की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। कार्यक्रम के आयोजक राजेश सिंह घटवार ने कहा कि आदिवासी समाज लंबे समय से जंगल और प्रकृति के बीच रहते हुए जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा से जुड़ा रहा है। करमा महोत्सव के माध्यम से समुदाय अपनी भावनाओं, परंपराओं और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी को व्यक्त करता है। महोत्सव में शामिल लोगों ने प्रकृति को हरा-भरा बनाए रखने और खेती-बारी में अच्छी पैदावार की कामना भी की।

भाई की लंबी उम्र और अच्छी फसल की कामना
करमा पूजा के दौरान महिलाओं ने करम डाल में रक्षा सूत्र बांधा और अपने भाइयों की लंबी आयु के लिए आशीर्वाद मांगा। इसके साथ ही प्रकृति की हरियाली, बेहतर कृषि और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना की गई। करमा पर्व के माध्यम से भाई-बहन के रिश्ते, प्रकृति संरक्षण और सामुदायिक संस्कृति का संदेश सामने आता है। कोडरमा के जामु खाड़ी मैदान में आयोजित यह महोत्सव इसी परंपरा और उत्साह का परिचायक बना हुआ है।
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