Asim Mandal Remand, घाटशिला: सीपीआइ (माओवादी) सेंट्रल कमेटी के सदस्य और 2.20 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली नेता असीम मंडल उर्फ आकाश से पूछताछ का दायरा अब बढ़ने की संभावना है. पश्चिम बंगाल एसटीएफ फिलहाल असीम मंडल को 10 दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है. इसी बीच पूर्वी सिंहभूम पुलिस भी उसे अपनी रिमांड पर लेने की तैयारी में जुट गयी है. पुलिस सूत्रों के अनुसार, असीम मंडल के खिलाफ लगभग 100 गंभीर मामले दर्ज हैं. इनमें सबसे अधिक 55 मामले पूर्वी सिंहभूम जिले के अलग-अलग थानों में दर्ज हैं. मामलों की संख्या और उनकी गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस असीम मंडल से पुराने नक्सली कांडों, संगठन के नेटवर्क और उसके सहयोगियों से जुड़े पहलुओं पर जानकारी हासिल करना चाहती है. इसके लिए कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गयी है. ऐसी संभावना भी जतायी जा रही है कि झारखंड पुलिस की एक टीम पूछताछ की प्रक्रिया के सिलसिले में कोलकाता पहुंच चुकी है. हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है.
पूर्वी सिंहभूम में दर्ज हैं 55 गंभीर मामले
असीम मंडल के खिलाफ पूर्वी सिंहभूम जिले के विभिन्न थानों में दर्ज 55 मामलों को पुलिस काफी महत्वपूर्ण मान रही है. जिला पुलिस की योजना है कि रिमांड मिलने के बाद उससे पुराने मामलों की घटनाक्रमवार जानकारी ली जाये. इसके साथ ही नक्सली संगठन के स्थानीय नेटवर्क, सहयोगियों, हथियारों की आपूर्ति और सुरक्षित ठिकानों से संबंधित जानकारी जुटाने की कोशिश की जायेगी. पुलिस का मानना है कि असीम मंडल से पूछताछ के माध्यम से कई पुराने मामलों की जांच में नयी कड़ियां जुड़ सकती हैं. हालांकि, पूछताछ से क्या जानकारी सामने आती है, यह रिमांड और जांच की आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा.
26 वर्षों तक नक्सली गतिविधियों में रहा सक्रिय
असीम मंडल पिछले करीब 26 वर्षों से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय बताया जाता है. पूर्वी सिंहभूम और आसपास के क्षेत्रों में हुई कई चर्चित नक्सली घटनाओं में उसका नाम सामने आया है. वह बाघुड़िया में तत्कालीन सांसद सुनील महतो की हत्या, बुरुडीह लैंडमाइन विस्फोट में 11 जवानों की मौत और धालभूमगढ़ के तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी के अपहरण कांड समेत कई मामलों में नामजद आरोपी रहा है. अब झारखंड पुलिस की पूछताछ में इन पुराने मामलों के अलावा संगठन के नेटवर्क, उसके सहयोगियों और हथियारों से जुड़े सवालों पर भी जानकारी जुटाने की उम्मीद है.
गिरफ्तारी के पांच दिन बाद भी AK-47 बरामद नहीं
असीम मंडल की गिरफ्तारी के पांच दिन बाद भी पुलिस उसके कथित मुख्य हथियार AK-47 का पता नहीं लगा पायी है. पूछताछ के दौरान वह पुलिस को किस तरह की जानकारी दे रहा है, इस बारे में फिलहाल कोई आधिकारिक विवरण सामने नहीं आया है. इधर, पश्चिम बंगाल पुलिस समीर महतो उर्फ मंगल को साथ लेकर झारखंड-बंगाल सीमा से सटे इलाकों में लगातार सघन तलाशी अभियान चला रही है. इस अभियान का उद्देश्य हथियारों के संभावित ठिकानों और नक्सली नेटवर्क से जुड़े अन्य सुरागों तक पहुंचना बताया जा रहा है.
झारखंड में पुराने नक्सली मामलों की होगी पड़ताल
पूर्वी सिंहभूम में दर्ज मामलों की अधिक संख्या के कारण असीम मंडल की रिमांड जिला पुलिस के लिए अहम मानी जा रही है. पुलिस की जांच अब केवल गिरफ्तारी और पूछताछ तक सीमित नहीं रहकर पुराने नक्सली कांडों की कड़ियों को जोड़ने पर केंद्रित हो सकती है. असीम मंडल से पूछताछ के बाद पूर्वी सिंहभूम सहित झारखंड के अन्य पुराने नक्सली मामलों में नयी जानकारी मिलने की संभावना जतायी जा रही है. हालांकि, जांच पूरी होने और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही इन मामलों में किसी ठोस निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकेगा.



















