Jamshedpur Marine Drive Accident: एक के बाद एक आती दुखद खबरों को देखकर अब ऐसा लगने लगा है… जैसे हेमंत के मंत्रालय पर काले ग्रह का साया छा गया हो। पिछले कुछ सालों में JMM के कई मंत्रियों की मौत ने सरकार और पार्टी को लगातार झकझोरा है—पहले हाजी हुसैन अंसारी, फिर जगरनाथ महतो, उसके बाद रामदास सोरेन और अब सुदिव्य कुमार सोनू के निधन ने चौथा बड़ा झटका दिया। और अब इसी बीच जमशेदपुर से आई दर्दनाक खबर ने एक बार फिर सबको स्तब्ध कर दिया है। सोनारी मरीन ड्राइव के दोमुहानी के पास हुए भीषण सड़क हादसे में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की बेटी तृषा सिंह समेत चार युवाओं की मौत हो गई।
Jamshedpur Marine Drive Accident: दोमुहानी के पास बेकाबू हुई कार
जानकारी के अनुसार, दुर्घटना गुरुवार की अलसुबह सोनारी थाना क्षेत्र में हुई। कार संख्या JH05 DF 6450 मरीन ड्राइव से गुजर रही थी। इसी दौरान दोमुहानी के समीप सड़क किनारे खड़े ट्रक संख्या JH02T 3971 से कार की जोरदार भिड़ंत हो गई। बताया जा रहा है कि कार की रफ्तार काफी अधिक थी। सड़क पर खड़े ट्रक के पिछले हिस्से से टकराते ही कार का अगला भाग बुरी तरह चकनाचूर हो गया। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के इलाकों में सो रहे लोग भी जाग गए। स्थानीय लोगों ने आवाज सुनकर घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई। कुछ ही समय में वहां लोगों की भीड़ जुट गई और राहत-बचाव की कोशिशें शुरू कर दी गईं।
चार युवाओं की मौके पर ही मौत
दुर्घटना में कार सवार चारों युवाओं की जान चली गई। मृतकों में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह की पुत्री तृषा सिंह के अलावा नमन गुप्ता, सार्थक अग्रवाल और वंशिका खंडेलवाल शामिल हैं। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कार में सवार किसी भी युवक को बचाया नहीं जा सका। इस घटना ने मृतकों के परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। चारों युवाओं की असमय मौत की खबर फैलते ही उनके परिचितों और रिश्तेदारों में शोक की लहर दौड़ गई। जिस उम्र में परिवार अपने बच्चों के भविष्य को लेकर सपने देख रहे थे, उसी उम्र में यह दुखद हादसा सब कुछ बदल गया।

पुलिस ने गैस कटर की मदद से निकाले शव
घटना की सूचना मिलने के बाद सोनारी थाना पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंची। दुर्घटनाग्रस्त कार की हालत इतनी खराब थी कि शवों को बाहर निकालने में काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा। पुलिस ने राहत-बचाव दल की मदद से कार को काटकर शवों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए एमजीएम अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार और ट्रक को जब्त कर लिया है। हादसे से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा सके।

एमजीएम अस्पताल में पसरा मातम
घटना की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिजन घटनास्थल और अस्पताल पहुंचने लगे। ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का आवास कदमा स्थित दिंदली एनक्लेव में बताया गया है। मंत्री के परिवार के साथ-साथ अन्य मृतकों के परिजन भी अस्पताल पहुंचे। वहां अपने बच्चों के शव देखकर परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल था। अस्पताल परिसर में मौजूद लोगों के लिए भी यह दृश्य बेहद भावुक कर देने वाला था। शहर के कई गणमान्य लोग भी घटना की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल पहुंचे और शोक-संतप्त परिवारों को सांत्वना दी।

सड़क किनारे खड़े ट्रकों पर उठे सवाल
इस दुर्घटना के बाद सोनारी मरीन ड्राइव पर सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। शुरुआती तौर पर कार की तेज रफ्तार और सड़क पर खड़े ट्रक को हादसे की प्रमुख वजहों में माना जा रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मरीन ड्राइव पर कई बार भारी वाहन बिना पर्याप्त सुरक्षा संकेतों के सड़क किनारे खड़े रहते हैं। रात के अंधेरे में ऐसे वाहनों को देख पाना वाहन चालकों के लिए चुनौती बन सकता है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर बिना इंडिकेटर, रिफ्लेक्टर या उचित चेतावनी संकेत के खड़े भारी वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। हालांकि, दुर्घटना में किसकी लापरवाही थी, यह पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।



















