झारखंड हाईकोर्ट ने थानों में CCTV लगाने के आदेश का पालन नहीं होने पर मुख्य सचिव, गृह सचिव और DGP से जवाब मांगा है। अवमानना कार्रवाई पर भी सवाल उठाया।
Jharkhand High Court रांची: झारखंड के पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जतायी है। गुरुवार को चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य के मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी को शोकॉज नोटिस जारी किया। अदालत ने पूछा कि आदेश का अनुपालन नहीं करने पर उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
Jharkhand High Court: तरुण महतो की पुलिस हिरासत में मौत के बाद शुरू हुआ मामला
यह मामला ईचागढ़ निवासी तरुण महतो की पुलिस हिरासत में मौत के बाद हाईकोर्ट पहुंचा था। तरुण महतो वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव में झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी थे।
आरोप है कि 19 नवंबर 2025 की रात ईचागढ़ पुलिस उन्हें पकड़कर थाना ले गयी थी। परिजनों की ओर से आरोप लगाया गया कि थाना में उनके साथ मारपीट की गयी और थर्ड डिग्री का इस्तेमाल कर प्रताड़ित किया गया, जिसके बाद उनकी मौत हो गयी।
घटना के बाद तरुण महतो की पत्नी ने हाईकोर्ट के तत्कालीन चीफ जस्टिस को पत्र लिखकर शिकायत की थी। हाईकोर्ट ने इस पत्र पर स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई शुरू की थी।
Key Highlights
- झारखंड हाईकोर्ट ने थानों में CCTV लगाने के आदेश का पालन नहीं होने पर नाराजगी जतायी
- मुख्य सचिव, गृह सचिव और DGP को Show Cause Notice जारी
- अदालत ने अवमानना की कार्रवाई शुरू करने को लेकर मांगा जवाब
- तरुण महतो की पुलिस हिरासत में मौत के बाद मामले पर स्वतः संज्ञान लिया गया था
- पिछली सुनवाई में DGP को भी अवमानना नोटिस जारी किया जा चुका है
Jharkhand High Court: सभी थानों में CCTV लगाने का दिया गया था आदेश
तरुण महतो की मौत के मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का आदेश दिया था। इसका उद्देश्य थानों में होने वाली गतिविधियों की निगरानी और हिरासत में रहने वाले लोगों के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़ा है।
गुरुवार की सुनवाई में अदालत ने पाया कि पूर्व में दिए गए आदेश का पूरी तरह अनुपालन नहीं हुआ है। इसी पर अदालत ने राज्य सरकार के शीर्ष अधिकारियों से जवाब मांगा है।
Jharkhand High Court: पिछली सुनवाई में DGP को भी मिला था अवमानना नोटिस
इस मामले में हाईकोर्ट पहले भी आदेश के अनुपालन को लेकर नाराजगी जता चुका है। पिछली सुनवाई में अदालत ने निर्देशों का पालन नहीं होने पर डीजीपी को अवमानना नोटिस जारी किया था।
अब अदालत ने मुख्य सचिव, गृह सचिव और डीजीपी को शोकॉज करते हुए पूछा है कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जानी चाहिए। अधिकारियों के जवाब के बाद अदालत इस मामले में आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।


















