झारखंड हाईकोर्ट ने JTET के आयोजन में देरी पर शिक्षा सचिव को Show Cause नोटिस जारी किया। बोकारो की लापता बच्ची मामले में CBI जांच के संकेत दिए।
Jharkhand High Court रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी JTET के आयोजन में हो रही देरी को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने JTET के आयोजन से जुड़ी अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत के पूर्व आदेश का निर्धारित समय-सीमा में अनुपालन नहीं होने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव को Show Cause नोटिस जारी करते हुए पूछा है कि अदालत के आदेश का अनुपालन नहीं करने के लिए उनके खिलाफ अवमानना के तहत आरोप क्यों नहीं तय किया जाए।
इसी दौरान हाईकोर्ट में पलामू के सहायक शिक्षक से जुड़े अवमानना मामले में उपायुक्त को सशरीर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया। वहीं, बोकारो की 14 वर्षीय लापता बच्ची के मामले में अदालत ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर जांच CBI को सौंपी जा सकती है।
Jharkhand High Court: JTET में देरी पर शिक्षा सचिव को Show Cause
JTET के आयोजन से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि पूर्व में दिए गए आदेश के बावजूद परीक्षा निर्धारित समय-सीमा में आयोजित नहीं की गई। अदालत ने शिक्षा विभाग के सचिव से स्पष्टीकरण मांगा है कि आदेश का अनुपालन नहीं करने के लिए उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाए।
इस मामले में पहले एकल पीठ ने सचिव को सशरीर उपस्थित होकर JTET आयोजित कराने का आश्वासन देने के बाद आदेश पारित किया था। अदालत ने अपने आदेश में 31 मार्च 2026 तक JTET आयोजित कराने का निर्देश दिया था।
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि JTET की नियमावली तैयार होने के बाद झारखंड एकेडमिक काउंसिल यानी JAC की ओर से अभ्यर्थियों से आवेदन भी लिया जा चुका है। इसके बावजूद परीक्षा का आयोजन नहीं हो सका।
मामले में यह भी बताया गया कि वर्ष 2016 के बाद से करीब नौ वर्ष बीत गए, लेकिन JTET का आयोजन नहीं किया गया। हाईकोर्ट अब यह जानना चाहता है कि स्पष्ट न्यायिक आदेश के बावजूद परीक्षा समय पर क्यों नहीं कराई गई।
Jharkhand High Court: राज्य सरकार की 255 दिन की देरी वाली अपील खारिज
एक अन्य मामले में झारखंड हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार की ओर से 255 दिन की देरी से दायर अपील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने कहा कि सरकार देरी के लिए कोई संतोषजनक कारण बताने में विफल रही।
अदालत ने स्पष्ट किया कि फाइलों का एक विभाग से दूसरे विभाग में जाना या कानूनी राय लेने जैसी सामान्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अपील दायर करने में हुई देरी को माफ करने का पर्याप्त आधार नहीं माना जा सकता। इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार की अपील खारिज कर दी।
Key Highlights
JTET में देरी पर झारखंड हाईकोर्ट ने शिक्षा सचिव को Show Cause नोटिस जारी किया।
कोर्ट ने पूछा, आदेश का पालन नहीं करने पर अवमानना के आरोप क्यों न तय किए जाएं।
31 मार्च 2026 तक JTET कराने का पूर्व में दिया गया था निर्देश।
बोकारो की लापता 14 वर्षीय बच्ची के मामले में CBI जांच के संकेत।
पलामू के डीसी को अगली सुनवाई में सशरीर हाईकोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश।
Jharkhand High Court: लापता बच्ची मामले में CBI जांच के संकेत
बोकारो की 14 वर्षीय लापता बच्ची को बरामद करने को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लिया। अदालत ने CID का पक्ष सुनने के बाद कहा कि CBI के पास राज्य पुलिस की तुलना में अधिक अधिकार और संसाधन उपलब्ध हैं।
कोर्ट ने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर मामले की जांच CBI को सौंपी जा सकती है। मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त को निर्धारित की गई है।
वहीं, पलामू के सहायक शिक्षक नंदू राम की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने सरकार के जवाब पर नाराजगी जताई। अदालत ने सवाल किया कि एकल पीठ के आदेश का अब तक पूर्ण अनुपालन क्यों नहीं किया गया, जबकि उस आदेश के खिलाफ राज्य सरकार की अपील भी खारिज हो चुकी है। मामले की अगली सुनवाई में पलामू के उपायुक्त को सशरीर अदालत में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।
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