झारखंड DGP तदाशा मिश्रा की नियुक्ति के खिलाफ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार से नियुक्ति नियमावली की कानूनी वैधता पर जवाब मांगा है।
Jharkhand DGP Appointment रांची: झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा की नियुक्ति से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने झारखंड सरकार की डीजीपी नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने डीजीपी नियुक्ति के लिए निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया है। हालांकि, यह केंद्र का पक्ष है, जिस पर अदालत में अंतिम निर्णय होना बाकी है।
Jharkhand DGP Appointment: सुप्रीम कोर्ट ने नियुक्ति नियमावली पर मांगा जवाब
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले की जल्द सुनवाई का आग्रह किया। उन्होंने बुधवार को सुनवाई किए जाने का अनुरोध किया, लेकिन झारखंड सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बुधवार को उपलब्ध होने में असमर्थता जताई। एमिकस क्यूरी राजू रामचंद्रन ने भी अगले सप्ताह अपनी अनुपलब्धता की जानकारी अदालत को दी।
सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 8 अक्तूबर की तारीख निर्धारित की है। अदालत ने झारखंड सरकार को अगली सुनवाई में डीजीपी नियुक्ति के लिए बनाई गई राज्य की नियमावली की कानूनी वैधता पर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।
Key Highlights
- तदाशा मिश्रा की डीजीपी नियुक्ति से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।
- केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
- सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार से नियुक्ति नियमावली की कानूनी वैधता पर जवाब मांगा।
- अगली सुनवाई अब 8 अक्तूबर को होगी।
- मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ कर रही है।
Jharkhand DGP Appointment: तदाशा मिश्रा की नियुक्ति को लेकर क्या है विवाद
झारखंड में डीजीपी नियुक्ति को लेकर बनी राज्य सरकार की नियमावली को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। मामले में नियुक्ति प्रक्रिया और नियमावली के कुछ प्रावधानों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इससे पहले सुनवाई के दौरान एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट में भी राज्य की नियमावली और तदाशा मिश्रा की नियुक्ति से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया गया था। कि डीजीपी नियुक्ति नियमावली सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप बनाई गई है। सरकार ने यह भी कहा था कि तदाशा मिश्रा को अवसर देने के लिए नियम-5 में संशोधन किया गया था और वह डीजीपी रैंक में प्रोन्नत होने वाली महिला अधिकारी हैं।
Jharkhand DGP Appointment: अगली सुनवाई में नियमों की वैधता पर होगी बहस
अब सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 8 अक्तूबर को होगी। इस दौरान झारखंड सरकार को अपनी डीजीपी नियुक्ति नियमावली की कानूनी वैधता पर जवाब देना है। इसके साथ ही तदाशा मिश्रा की नियुक्ति से जुड़ी प्रक्रिया और उस पर उठाई गई आपत्तियों पर भी अदालत के समक्ष पक्ष रखा जाएगा।
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति वी. मोहना और न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची की पीठ कर रही है। मामले में केंद्र, झारखंड सरकार और एमिकस क्यूरी की ओर से अलग-अलग दलीलें रखी जा रही हैं।


















