ED Raid GST Fraud, रांची: सैकड़ों करोड़ रुपये के कथित जीएसटी फर्जीवाड़े और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार सुबह केंद्रीय जांच एजेंसी ने झारखंड और पश्चिम बंगाल के चार ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया। सूत्रों के अनुसार, झारखंड के बोकारो में भी ईडी की टीम ने एक संदिग्ध ठिकाने पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी की कार्रवाई कथित फर्जी कंपनियों, बोगस बिलिंग और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से जुड़े नेटवर्क को लेकर बतायी जा रही है। तलाशी के दौरान अधिकारियों की ओर से कई दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जुटाए जाने की जानकारी सामने आई है।
CRPF की सुरक्षा में तलाशी अभियान
ईडी की टीम केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सुरक्षा के बीच अलग-अलग ठिकानों पर जांच कर रही है। तलाशी के दौरान डिजिटल डिवाइस, हार्ड डिस्क, बिल बुक और बैंकिंग लेन-देन से जुड़े दस्तावेज मिलने और उन्हें जब्त किए जाने की बात कही गई है। जांच एजेंसी इन सामग्रियों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित फर्जी कंपनियों के बीच किस तरह के वित्तीय लेन-देन हुए और इस पूरे नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े हो सकते हैं। हालांकि, तलाशी के दौरान बरामद सामग्री और उसकी जांच से जुड़े अंतिम निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।
बिना माल के सप्लाई दिखाकर ITC का दावा
मामले की जांच में कथित तौर पर ऐसे लेन-देन की पड़ताल की जा रही है, जिनमें वास्तविक माल की आपूर्ति किए बिना कागजी दस्तावेजों के आधार पर कारोबार दिखाया गया। जांच एजेंसी को संदेह है कि फर्जी इनवॉइस के माध्यम से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) का गलत तरीके से दावा किया गया। ऐसे मामलों में वास्तविक कारोबार के बिना बिल तैयार कर टैक्स क्रेडिट लेने का आरोप होता है। ईडी अब दस्तावेजों, बैंक खातों और डिजिटल रिकॉर्ड की मदद से कथित लेन-देन की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
बोकारो समेत चार ठिकानों पर कार्रवाई
ईडी की यह कार्रवाई झारखंड और पश्चिम बंगाल में स्थित कुल चार संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ शुरू की गई। बोकारो में भी जांच टीम ने कथित फर्जी कंपनियों और बोगस बिलिंग से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। सभी स्थानों पर तलाशी के दौरान सुरक्षा के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती की गई है। एजेंसी की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जांच में क्या महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।
700 करोड़ से अधिक के कथित नेटवर्क से जुड़ रही कार्रवाई
इस मामले में पहले भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई हो चुकी है। पूर्व में कथित नेटवर्क के मास्टरमाइंड शिव कुमार देवड़ा की गिरफ्तारी का जिक्र सामने आया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद 700 करोड़ रुपये से अधिक के कथित फर्जी बिलिंग नेटवर्क की जांच की बात सामने आई थी। अब की जा रही तलाशी को उसी मामले से जुड़े संभावित वित्तीय नेटवर्क और संदिग्ध लेन-देन की आगे की जांच से जोड़कर देखा जा रहा है।ईडी की मौजूदा कार्रवाई के बाद फर्जी कंपनियों और कथित बोगस बिलिंग नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। फिलहाल जांच जारी है और तलाशी से जुड़े विस्तृत आधिकारिक निष्कर्ष का इंतजार है।
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