Bihar Industrial Investment, पटना: बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) ने राज्य में औद्योगिक गतिविधियों और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में 12 औद्योगिक इकाइयों को मंजूरी दी है। इन इकाइयों के लिए कुल 9.14 एकड़ औद्योगिक भूमि और प्लग एंड प्ले शेड्स के आवंटन को स्वीकृति दी गई है। BIADA की प्रोजेक्ट क्लियरेंस कमिटी (PCC) की बैठक में विभिन्न औद्योगिक प्रस्तावों पर चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता BIADA के प्रबंध निदेशक नवीन कुमार, IAS ने की।
₹132.60 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव
स्वीकृत औद्योगिक इकाइयों के माध्यम से करीब ₹132.60 करोड़ के निवेश की संभावना जताई गई है। इन परियोजनाओं के जरिए लगभग 2,500 रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इन औद्योगिक इकाइयों की स्थापना बिहार के कई जिलों में प्रस्तावित है। इनमें पटना, बक्सर, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, भागलपुर, पूर्णिया, मधुबनी, औरंगाबाद और सहरसा शामिल हैं।
प्लग एंड प्ले सुविधा से उद्योग स्थापना में आसानी
PCC की बैठक में औद्योगिक भूखंडों के साथ प्लग एंड प्ले सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इसके तहत निवेशकों को तैयार औद्योगिक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। BIADA के अनुसार, इसका उद्देश्य औद्योगिक इकाइयों की स्थापना और संचालन की प्रक्रिया को अधिक सुगम और तेज बनाना है। तैयार बुनियादी सुविधाओं के जरिए निवेशकों को उद्योग स्थापित करने में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और कौशल के अवसर
उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि राज्य में स्वीकृत हो रही नई औद्योगिक परियोजनाएं बिहार के औद्योगिक और तकनीकी विकास को दिशा दे रही हैं। उनके अनुसार, इन परियोजनाओं से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और कौशल आधारित अवसर पैदा होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल माहौल विकसित करने और राज्य को आधुनिक औद्योगिक एवं विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

औद्योगिक विकास के लिए बुनियादी ढांचे पर जोर
BIADA के प्रबंध निदेशक नवीन कुमार ने कहा कि राज्य सरकार संतुलित और समग्र औद्योगिक विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि BIADA के माध्यम से पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया के तहत निवेशकों को औद्योगिक भूखंड उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर अवसंरचना, कनेक्टिविटी, सुगम प्रक्रियाओं और नीतिगत सहयोग के माध्यम से निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। इससे स्वीकृत परियोजनाओं के त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन में मदद मिलने की उम्मीद है। इन परियोजनाओं से बिहार में औद्योगिक निवेश को गति मिलने, औद्योगिक आधार के विस्तार और रोजगार के नए अवसरों के सृजन में योगदान मिलने की संभावना है।


















