Lohardaga Shop Sealing, लोहरदगा: लंबे समय से किराया बकाया रखने वाले दुकानदारों के खिलाफ नगर परिषद ने कार्रवाई करते हुए 23 दुकानों को सील कर दिया। शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को पुराना नगर पालिका क्षेत्र से लेकर बड़ा तालाब तक नगर परिषद की ओर से आवंटित दुकानों पर कार्रवाई की गई। नगर परिषद के अनुसार, संबंधित दुकानों का किराया लंबे समय से लंबित था। बकाया राशि जमा करने के लिए नोटिस दिए जाने के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, जिसके बाद दुकानों को सील करने की कार्रवाई की गई।
दंडाधिकारी और नगर परिषद की टीम ने की कार्रवाई
03 अक्टूबर को अंचल अधिकारी सह दंडाधिकारी, लोहरदगा और नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। टीम में नगर प्रबंधक, नगर मिशन प्रबंधक और कार्यालय के कर्मचारी शामिल थे। नगर परिषद के मुताबिक, कई दुकानदारों पर एक लाख रुपये से अधिक का किराया बकाया है। परिषद ने कहा कि लंबे समय तक किराया जमा नहीं होने से नगर निकाय के राजस्व पर असर पड़ रहा था। इसी को देखते हुए बकायेदार दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

दुकानदार बोले- किराया कम किया जाए
दुकानों के सील होने के बाद प्रभावित दुकानदारों ने किराये की राशि को लेकर अपनी समस्या सामने रखी। दुकानदारों का कहना है कि नगर परिषद की दुकानों का किराया करीब 3 हजार रुपये या उससे अधिक है, जो छोटे कारोबारियों के लिए अधिक है। उनका कहना है कि सीमित आमदनी के बीच इतना किराया देना मुश्किल हो रहा है। दुकानदारों के अनुसार, उन्होंने अलग-अलग स्तर पर किराया कम करने की मांग को लेकर शिकायत भी की थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। अब दुकानदारों ने नगर परिषद से किराये की राशि कम करने और छोटे कारोबारियों पर पड़ रहे आर्थिक बोझ को घटाने की मांग की है।

नगर परिषद ने कहा- बकाया भुगतान नहीं करने पर हुई कार्रवाई
नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी ने कहा कि उन्हीं दुकानों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिनका किराया लंबे समय से लंबित है और भुगतान नहीं किया जा रहा था। उन्होंने बताया कि कई दुकानदारों पर एक लाख रुपये से अधिक की राशि बकाया है। नगर परिषद का कहना है कि राजस्व को होने वाले नुकसान से बचाने के लिए यह कार्रवाई जरूरी थी। कार्यपालक पदाधिकारी ने सभी आवंटित दुकानदारों से समय पर किराया जमा करने की अपील की, ताकि भविष्य में इस तरह की कार्रवाई की स्थिति न बने।


















