Jamtara Sahana Talab: नगर पंचायत के वार्ड संख्या 11 स्थित सहाना तालाब के जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण कार्य में कथित अनियमितता की शिकायत के बाद विभागीय जांच शुरू हो गई है। मामले की पड़ताल के लिए राजधानी रांची से एक संयुक्त उच्चस्तरीय टीम जामताड़ा पहुंची। टीम ने तालाब में 15वें वित्त आयोग की राशि से कराए गए कार्यों का निरीक्षण किया। जांच टीम में झारखंड नगर विकास एवं आवास विभाग, राज्य शहरी विकास अभिकरण (सुडा) और झारखंड शहरी आधारभूत संरचना विकास कंपनी लिमिटेड (जुडको) के प्रतिनिधि शामिल थे।
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
सहाना तालाब के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाने के साथ ही डीपीआर यानी विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन में निर्धारित प्रावधानों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया गया था। शिकायत के बाद संबंधित विभागों ने मामले की जांच के लिए संयुक्त उच्चस्तरीय टीम गठित की। जांच का उद्देश्य मौके पर हुए निर्माण कार्य और स्वीकृत योजना के प्रावधानों के बीच स्थिति का आकलन करना है।
टीम ने मौके पर पहुंचकर की कार्यों की पड़ताल
शिकायतों के आधार पर जांच टीम ने सहाना तालाब पहुंचकर जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण कार्य का निरीक्षण किया। इस दौरान निर्माण की गुणवत्ता, स्वीकृत प्राक्कलन के अनुरूप कराए गए कार्यों और निर्धारित तकनीकी मानकों के पालन की पड़ताल की गई। निरीक्षण के समय जामताड़ा नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी सोमा खंडेत भी मौजूद रहीं। टीम ने स्थल पर उपलब्ध कार्यों का जायजा लेकर शिकायत से जुड़े बिंदुओं की जांच की।

जांच के बाद सामने आएगी स्थिति
सहाना तालाब के सौंदर्यीकरण कार्य में कथित अनियमितता की शिकायत के बाद अब जांच टीम के निरीक्षण पर नजर है। ग्रामीणों ने जहां निर्माण की गुणवत्ता और डीपीआर के प्रावधानों को लेकर सवाल उठाए हैं, वहीं विभागीय टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्यों की तकनीकी पड़ताल की है। जांच के निष्कर्ष और आगे की कार्रवाई को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों और स्वीकृत प्राक्कलन का पालन हुआ है या नहीं।


















