Sarfaraz Hussain Top 2% Scientists, सहरसा: बिहार के सहरसा जिले के लॉर्ड बुद्धा कोशी फार्मेसी कॉलेज के प्रोफेसर प्रो. डॉ. मो. सरफराज हुसैन ने लगातार दूसरी बार विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में जगह बनाई है। उनकी इस उपलब्धि से सहरसा सहित बिहार के शैक्षणिक जगत में खुशी का माहौल है। फार्मेसी, औषधीय पौधों और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में उनके योगदान को इस उपलब्धि का महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं द्वारा तैयार और अंतरराष्ट्रीय प्रकाशक एल्सेवियर के माध्यम से प्रकाशित World’s Top 2% Scientists List का वर्ष 2026 का संस्करण 7 अक्टूबर को जारी किया गया।
शोध और वैज्ञानिक प्रभाव के आधार पर तैयार होती है सूची
विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की सूची में शोधकर्ताओं के वैज्ञानिक योगदान और शोध प्रभाव का आकलन किया जाता है। इसके लिए शोध पत्रों पर मिले उद्धरण यानी साइटेशन, एच-इंडेक्स, सह-लेखन और अन्य वैज्ञानिक मानकों को आधार बनाया जाता है। प्रो. डॉ. सरफराज हुसैन का लगातार दूसरी बार इस सूची में शामिल होना उनके शोध कार्यों की निरंतरता और अकादमिक योगदान को दर्शाता है। यह उपलब्धि फार्मेसी और औषधीय अनुसंधान के क्षेत्र में उनकी सक्रियता को भी रेखांकित करती है।
फार्माकोग्नोसी और फाइटोकेमिस्ट्री में है विशेषज्ञता
प्रो. हुसैन ने भारत से एम. फार्मा और फार्माकोग्नोसी में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उन्हें शिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में करीब दो दशकों का अनुभव है। उन्होंने भारत के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के साथ लीबिया में भी शिक्षण एवं शोध कार्य किया है। उनका प्रमुख शोध क्षेत्र फार्माकोग्नोसी और फाइटोकेमिस्ट्री है। इन विषयों में औषधीय पौधों से प्राप्त जैव-सक्रिय रासायनिक घटकों की पहचान, उनकी संरचना का विश्लेषण और संभावित औषधीय गुणों का वैज्ञानिक मूल्यांकन किया जाता है। इस तरह का शोध औषधीय पौधों के गुणों को समझने और दवा अनुसंधान को आगे बढ़ाने में उपयोगी होता है।
81 शोध पत्र, 5,986 साइटेशन और सात पेटेंट
उपलब्ध शैक्षणिक विवरण के मुताबिक, प्रो. डॉ. सरफराज हुसैन के अब तक 81 शोध पत्र प्रकाशित हो चुके हैं। उनके शोध कार्यों को लगभग 5,986 साइटेशन मिले हैं। उनका एच-इंडेक्स 24 और आई-10 इंडेक्स 72 बताया गया है। इसके अलावा, उनके नाम सात पेटेंट भी दर्ज हैं। ये आंकड़े उनके शोध कार्यों के उपयोग और वैज्ञानिक समुदाय में उनके अध्ययनों के संदर्भों को दर्शाते हैं। फार्मेसी और औषधीय पौधों से जुड़े शोध में उनका अनुभव विद्यार्थियों तथा युवा शोधार्थियों के लिए उपयोगी उदाहरण प्रस्तुत करता है।
बिहार के युवा शोधार्थियों के लिए प्रेरणा
प्रो. हुसैन की उपलब्धि को बिहार में उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र के लिए उत्साहवर्धक माना जा रहा है। क्षेत्रीय शैक्षणिक संस्थान से जुड़े रहते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शोध, नवाचार और वैज्ञानिक प्रकाशन की दिशा में प्रेरित कर सकता है। उनकी सफलता से लॉर्ड बुद्धा कोशी फार्मेसी कॉलेज सहित क्षेत्र के शैक्षणिक समुदाय में उत्साह है। यह उपलब्धि वैज्ञानिक अनुसंधान में निरंतरता, मेहनत और अकादमिक योगदान के महत्व को भी सामने लाती है।
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