झारखंड के डोरंडा पंचायत के बिल्टी गांव की वृद्ध महिला शिवराइत देवी दस्तावेजों में नाम की गड़बड़ी के कारण वृद्धावस्था पेंशन नहीं निकाल पा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों से सुधार की मांग की है।
Pension Problem रांची: बेड़ो प्रखंड के डोरंडा पंचायत अंतर्गत बिल्टी गांव की वृद्ध महिला शिवराइत देवी दस्तावेजों में नाम अलग-अलग दर्ज होने के कारण परेशान हैं। पुराने दस्तावेजों में उनका नाम शिवराइत देवी दर्ज है, जबकि वर्तमान दस्तावेजों में शिवराइत उरांव लिखा हुआ है। नाम में अंतर होने के कारण वह बैंक से अपनी वृद्धावस्था पेंशन की राशि नहीं निकाल पा रही हैं। वृद्धावस्था पेंशन ही उनके जीवनयापन का मुख्य सहारा है। ऐसे में दस्तावेजों की त्रुटि के कारण पेंशन की राशि नहीं मिलने से उनकी परेशानी बढ़ गई है।
Pension Problem: दस्तावेजों में नाम का अंतर बना परेशानी का कारण
वृद्ध महिला शिवराइत देवी के अनुसार, पुराने दस्तावेजों और वर्तमान दस्तावेजों में उनके नाम की प्रविष्टि अलग-अलग है। इसी अंतर के कारण बैंक से पेंशन की राशि निकालने में समस्या आ रही है। उम्र अधिक होने और अकेले रहने के कारण बैंकिंग कार्यों से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करना भी उनके लिए मुश्किल हो रहा है।
Key Highlights
- बिल्टी गांव की वृद्ध महिला शिवराइत देवी पेंशन की राशि नहीं निकाल पा रही हैं।
- पुराने दस्तावेजों में नाम शिवराइत देवी, जबकि वर्तमान दस्तावेजों में शिवराइत उरांव दर्ज है।
- नाम में अंतर के कारण बैंक से पेंशन निकालने में परेशानी हो रही है।
- वृद्धावस्था पेंशन ही महिला के जीवनयापन का मुख्य सहारा है।
- महिला ने संबंधित अधिकारियों से दस्तावेजों में नाम सुधारने की मांग की है।
Pension Problem: वृद्धावस्था पेंशन ही जीवनयापन का मुख्य सहारा
महिला ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। वृद्धावस्था पेंशन से ही उनके रोजमर्रा के खर्च पूरे होते हैं। ऐसे में पेंशन की राशि नहीं निकाल पाने से उनके सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन गई है। वृद्धावस्था में आर्थिक सहायता के लिए मिलने वाली पेंशन तक पहुंच नहीं होने से उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
Pension Problem: अधिकारियों से नाम की त्रुटि सुधारने की मांग
शिवराइत देवी ने संबंधित अधिकारियों से दस्तावेजों में दर्ज नाम की गड़बड़ी की जांच कर उचित सुधार कराने की मांग की है। उनका कहना है कि नाम में अंतर दूर होने से उन्हें बैंक से पेंशन की राशि निकालने में सहूलियत होगी। अब उन्हें संबंधित विभाग और अधिकारियों की पहल का इंतजार है, ताकि पेंशन की राशि मिल सके और वह सम्मानपूर्वक जीवनयापन कर सकें।


















