Bihar Social Security Pension: बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाले लाभार्थियों के लिए सरकार ने पेंशन भुगतान की तारीख तय कर दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अब सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खातों में हर माह की 10 तारीख को डीबीटी के माध्यम से पेंशन राशि हस्तांतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मुंगेर के हवेली खड़गपुर स्थित गंगटा मोड़ पर आयोजित कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अगस्त 2026 की पेंशन राशि लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी।
105.68 लाख लाभार्थियों को 1233.87 करोड़ रुपये की पेंशन
मुख्यमंत्री के अनुसार अगस्त 2026 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तौर पर 105.68 लाख लाभार्थियों के खातों में कुल 1,233.87 करोड़ रुपये डीबीटी के जरिए ट्रांसफर किए गए। प्रत्येक लाभार्थी को 1,100 रुपये प्रतिमाह की दर से पेंशन दी जा रही है। इस बार योजना में 98,896 नए लाभार्थी भी जुड़े हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि पात्र लाभार्थियों को पेंशन की राशि निर्धारित समय पर सीधे उनके बैंक खातों में मिले। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने में पात्र लोगों के साथ जाति, धर्म या किसी अन्य आधार पर भेदभाव नहीं किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि सीधे लाभुकों तक पहुंचे।
गंगटा से कोहबरवा मोड़ तक सड़क का होगा चौड़ीकरण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-333 पर गंगटा से कोहबरवा मोड़ तक सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण परियोजना का शिलान्यास भी किया। रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट का अनावरण कर परियोजना की शुरुआत की गई। यह सड़क गंगटा के किलोमीटर 28.340 से कोहबरवा मोड़ के किलोमीटर 38.340 तक चौड़ी और मजबूत की जाएगी। सरकार के अनुसार इससे मुंगेर, जमुई और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि परियोजना का उद्घाटन अगले वर्ष सितंबर में किए जाने का लक्ष्य है। बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र में आवागमन को अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
मुंगेर-जमुई वन क्षेत्र पर 150 करोड़ की परियोजना
मुख्यमंत्री ने मुंगेर-जमुई वन क्षेत्र के विकास को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लगभग 150 करोड़ रुपये की परियोजना के तहत वन क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। इस योजना में भीम बांध क्षेत्र के जंगलों के विकास और सौंदर्यीकरण पर भी ध्यान दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने भीम बांध के ऐतिहासिक और प्राकृतिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर की संरचनाएं विकसित करने के साथ ट्रैकिंग और होटल जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे देश और विदेश से पर्यटकों को आकर्षित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इसके अलावा तारापुर और हवेली खड़गपुर में इसी महीने न्यायालय की व्यवस्था शुरू होने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
बिहार के जल अधिकार को लेकर फरक्का समझौते में बदलाव की कोशिश
मुख्यमंत्री ने बिहार में बाढ़ और गंगा नदी के जल प्रबंधन का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बिहार को जरूरत के समय अपने हिस्से का पानी उपलब्ध हो सके, इसके लिए फरक्का जल समझौते में आवश्यक प्रावधान शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार बिहार के 13 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं और 30 लाख से अधिक आबादी पर इसका असर पड़ा है। उन्होंने बक्सर से भागलपुर तक गंगा के जल प्रबंधन को बेहतर बनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि गंगा के पानी के बेहतर प्रबंधन और सिल्ट की समस्या के समाधान पर भी ध्यान देने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बिहार के हितों को ध्यान में रखते हुए पूरे वर्ष जल उपलब्धता को लेकर प्रयास किया जाएगा।

स्वास्थ्य जांच और शिक्षा पर भी सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने बताया कि 1 सितंबर से 30 नवंबर तक पूरे बिहार में स्वास्थ्य जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत करीब साढ़े छह करोड़ लोगों की स्वास्थ्य जांच कराने का लक्ष्य रखा गया है। जांच के बाद जरूरत के अनुसार इलाज की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई। उन्होंने 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प कायाकल्प अभियान’ शुरू किए जाने की भी जानकारी दी। इसके तहत स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार और जरूरत वाले स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय की व्यवस्था करने पर जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, जीविका से जुड़ी महिलाओं और मुख्यमंत्री अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना के लाभार्थियों को सांकेतिक चेक प्रदान किए। वहीं मुख्यमंत्री सामर्थ्य योजना संबल के तहत दिव्यांग लाभार्थियों को बैटरी चालित ट्राई साइकिल की चाबी भी सौंपी गई।



















