Bihar E-Waste Awareness Campaign, पटना: बिहार में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बुधवार को राज्य के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में ई-कचरा प्रबंधन पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वच्छता स्पेशल कैंपेन-6 के तहत चलाए गए इस अभियान में विद्यार्थियों और शिक्षकों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के सुरक्षित संग्रहण तथा वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की जानकारी दी गई। इस दौरान विद्यालयों में ई-कचरा एकत्र करने की गतिविधियां भी आयोजित की गईं। अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को यह समझाना था कि खराब मोबाइल फोन, कंप्यूटर, चार्जर, बैटरी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कचरे में फेंकना उचित नहीं है। ऐसे उपकरणों को अलग एकत्र कर निर्धारित संग्रहण केंद्रों तक पहुंचाना चाहिए, ताकि उनका सुरक्षित निस्तारण किया जा सके।
विशेष चेतना सत्र में दी गई ई-कचरे की जानकारी
राज्य के विद्यालयों में आयोजित विशेष चेतना सत्र के दौरान विद्यार्थियों को ई-कचरे से होने वाले संभावित नुकसान और उसके सही प्रबंधन के बारे में बताया गया। उन्हें समझाया गया कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के खराब होने या अनुपयोगी हो जाने पर उन्हें सामान्य घरेलू कचरे के साथ नहीं मिलाना चाहिए। विद्यालयों में शिक्षकों और विद्यार्थियों को ई-कचरे को अलग रखने तथा निर्धारित संग्रहण केंद्रों तक पहुंचाने की प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया गया। अभियान के जरिए बच्चों को स्वच्छता की आदत अपनाने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।
क्विज के माध्यम से बच्चों को किया गया जागरूक
ई-कचरा प्रबंधन को लेकर विद्यार्थियों के बीच क्विज प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और इलेक्ट्रॉनिक कचरे के उचित निस्तारण से जुड़ी जानकारी दी गई। अभियान के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि खराब मोबाइल, कंप्यूटर, चार्जर और बैटरी जैसे उपकरणों को खुले में या सामान्य कूड़ेदान में फेंकने के बजाय निर्धारित व्यवस्था के तहत जमा करना चाहिए। विद्यालयों में एकत्र किए गए ई-कचरे को संबंधित संग्रहण केंद्रों तक पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए।
चार रंगों के डस्टबिन से कचरा अलग करने पर जोर
अभियान के तहत विद्यालयों और सरकारी कार्यालयों में कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में रखने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। इसके लिए हरे, नीले, लाल और काले रंग के डस्टबिन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही गई। कचरे का पृथक्करण स्वच्छता प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अलग-अलग प्रकार के कचरे को निर्धारित डस्टबिन में रखने से उसके संग्रहण और निस्तारण की प्रक्रिया व्यवस्थित बनाने में मदद मिलती है। ई-कचरे को भी सामान्य कचरे से अलग रखने के प्रति जागरूकता अभियान का प्रमुख हिस्सा बनाया गया।
जियो टैग तस्वीरें पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश
अभियान के अंतर्गत विद्यालयों में आयोजित गतिविधियों और कचरा पृथक्करण की व्यवस्था से संबंधित जियो टैग तस्वीरें निर्धारित पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया। इसके अलावा जिला प्रशासन के सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य माध्यमों के जरिए भी अभियान का प्रचार-प्रसार किया गया। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति जिम्मेदारी विकसित करने, पर्यावरण को सुरक्षित रखने और ई-कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया गया। विद्यालयों में चलाए गए इस अभियान से बच्चों को इलेक्ट्रॉनिक कचरे के उचित प्रबंधन की जानकारी देने और स्वच्छ वातावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
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