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National Unity Day Celebration Kevadia: राष्ट्रीय एकता दिवस पर केवड़िया में गया के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा, बिहार STF की झांकी बनी आकर्षण

गुजरात के केवड़िया में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में गया के प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और बिहार एसटीएफ की झांकी को देखा।

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National Unity Day Celebration Kevadia, गया: लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती और राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर गुजरात के नर्मदा जिले के केवड़िया स्थित एकता नगर में आयोजित भव्य समारोह में बिहार के गया जिले से पहुंचे विशेष आमंत्रित प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ‘एकता का पर्व, भारत का गर्व’ संदेश के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में देश की एकता, अखंडता, आंतरिक सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिली। इस वर्ष समारोह की मुख्य थीम ‘नक्सलमुक्त भारत’ रखी गई थी।

कार्यक्रम में देश के विभिन्न आंतरिक सुरक्षा बलों और सुरक्षा एजेंसियों की ओर से आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। इनके माध्यम से जवानों के साहस, शौर्य, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र की सुरक्षा के प्रति समर्पण को प्रदर्शित किया गया। गया से पहुंचे प्रतिभागियों ने सुरक्षा बलों की प्रस्तुतियों को देखा और देश की आंतरिक सुरक्षा में उनके योगदान की सराहना की।

बिहार एसटीएफ की झांकी ने खींचा प्रतिभागियों का ध्यान

समारोह में बिहार स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की ओर से भी विशेष झांकी प्रस्तुत की गई। इस झांकी के माध्यम से बिहार में आंतरिक सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और नक्सल उन्मूलन के लिए सुरक्षा बलों की भूमिका और कार्यक्षमता को प्रदर्शित किया गया। ‘नक्सलमुक्त भारत’ की थीम के अनुरूप बिहार एसटीएफ की प्रस्तुति समारोह में विशेष आकर्षण का केंद्र रही। गया जिले से पहुंचे प्रतिभागियों ने इस झांकी पर गर्व जताया और बिहार के सुरक्षा बलों के योगदान की सराहना की। प्रस्तुति के माध्यम से सुरक्षित और शांतिपूर्ण बिहार के संकल्प को भी सामने रखा गया।

गुजरात की सांस्कृतिक झांकियों में दिखी समृद्ध विरासत

राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में गुजरात सरकार की ओर से विभिन्न सांस्कृतिक झांकियां भी प्रदर्शित की गईं। इनमें राज्य की लोक संस्कृति, पारंपरिक कला, रीति-रिवाज, लोकजीवन और आर्थिक गतिविधियों के साथ विकास की झलक देखने को मिली। रंग-बिरंगी प्रस्तुतियों ने समारोह में शामिल लोगों का ध्यान आकर्षित किया। गया से आए प्रतिभागियों ने इस आयोजन को राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण अनुभव बताया। उनका कहना था कि भारत की सबसे बड़ी विशेषता विविधता में एकता है। अलग-अलग भाषाओं, वेशभूषाओं और परंपराओं के बावजूद देशवासियों का एक सूत्र में बंधे रहना ही राष्ट्रीय एकता की पहचान है।

राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता का दिया संदेश

कार्यक्रम के नोडल पदाधिकारी आकाश कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित ऐसे कार्यक्रम देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनके माध्यम से लोगों को राष्ट्र निर्माण और सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश मिलता है। समाजसेवी अनंतधीश अमन ने कहा कि इस तरह के आयोजन युवाओं और प्रतिभागियों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता, आपसी सद्भाव और राष्ट्रीय जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के विचारों और राष्ट्र निर्माण के उनके संकल्प को सभी को अपने जीवन में अपनाना चाहिए। उन्होंने ‘नक्सलमुक्त भारत’ की थीम को शांति, सुरक्षा, विकास और सामाजिक विश्वास से जोड़ते हुए कहा कि किसी भी क्षेत्र का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब वहां शिक्षा, रोजगार और विकास की सुविधाएं आम लोगों तक पहुंचें। देश की एकता और अखंडता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है।

National Unity Day Celebration Kevadia

गया के प्रतिभागियों के लिए यादगार बना समारोह

केवड़िया के एकता नगर में आयोजित इस समारोह में शामिल गया जिले के प्रतिभागियों ने इसे यादगार अनुभव बताया। उनके अनुसार, यह आयोजन केवल उत्सव तक सीमित नहीं था, बल्कि देश की एकता, सुरक्षा बलों के सम्मान, सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को करीब से समझने का अवसर भी था। समारोह में बिहार एसटीएफ की झांकी ने विशेष रूप से प्रतिभागियों का ध्यान आकर्षित किया। इसके जरिए बिहार में आंतरिक सुरक्षा और नक्सल उन्मूलन के क्षेत्र में सुरक्षा बलों की भूमिका को सामने रखा गया। सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों से प्रेरित इस आयोजन ने राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव, शांति और विकास का संदेश दिया।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह किस अवसर पर और कहां आयोजित किया गया?

यह समारोह सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर गुजरात के नर्मदा जिले के केवड़िया स्थित एकता नगर में आयोजित किया गया। इस साल की मुख्य थीम 'नक्सलमुक्त भारत' रखी गई थी।

समारोह में बिहार एसटीएफ की झांकी ने क्या प्रदर्शित किया?

बिहार एसटीएफ की झांकी ने बिहार में आंतरिक सुरक्षा, अपराध नियंत्रण और नक्सल उन्मूलन के लिए सुरक्षा बलों की भूमिका और कार्यक्षमता को प्रदर्शित किया।

समारोह में गुजरात की सांस्कृतिक झांकियों में क्या दिखाया गया?

गुजरात की सांस्कृतिक झांकियों में राज्य की लोक संस्कृति, पारंपरिक कला, रीति-रिवाज, लोकजीवन और आर्थिक गतिविधियों के साथ विकास की झलक दिखाई गई।

गया के प्रतिभागियों ने इस समारोह के बारे में क्या कहा?

प्रतिभागियों ने इसे राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण अनुभव बताया और कहा कि विविधता में एकता भारत की सबसे बड़ी विशेषता है।

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