रांचीः सातवीं जेपीएससी को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई और इस मामले में सुनवाई कल भी होगी। प्रार्थी की ओर से कहा गया कि जेपीएससी की ओर से सिविल सेवा परीक्षा के लिए वर्ष 2020 में विज्ञापन निकाला गया था जिसमें उम्र की सीमा 1 अगस्त 2011 रखी गई थी। लेकिन राज्य सरकार ने इसे वापस ले लिया और नई नियमावली बनाते हुए पुनः विज्ञापन जारी कर दिया जिसमें उम्र की सीमा को 1 अगस्त 2016 कर दिया। इस कारण कई अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित हो गए। सुनवाई के दौरान मौखिक रूप से अदालत ने कहा कि पिछली बार जेपीएससी की ओर से जारी विज्ञापन में जब वर्ष 2011 कट ऑफ डेट रखा गया था तो अचानक एक साल बाद इस कट ऑफ डेट को बढ़ाकर 2016 करने से हजारों अभ्यर्थी परीक्षा देने से वंचित रह जाएंगे। इसमें वैसे लोग है जो नौकरी की तैयारी में कई सालों से जुटे हैं जिन्हें पहले निकाले गए विज्ञापन से उम्मीद बंधी थी। रिपोर्ट-प्रोजेश
7वीं जेपीएससी मामले पर हुई सुनवाई, जानिए हाइकोर्ट ने क्या दिया निर्देश







