नवादा : केंद्र सरकार की ओर से सेना में चार साल के लिए भर्ती स्कीम अग्निपथ का भारी विरोध शुरू हो गया है.
इसके साथ ही सेना में भर्ती के लिए होने वाली लिखित परीक्षा में हो रही देरी का भी विरोध हो रहा है.
इन दोनों ही मुद्दों को लेकर नवादा में युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किए एवं बेरोजगारों ने सड़कों पर उतरकर आगजनी की.
नवादा में सेना में भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं ने किऊल- गया रेल लाइन को जाम कर दिया और नवादा के प्रजातंत्र चौक, रेलवे स्टेशन एवं बायपास पर सैकड़ों की संख्या में युवाओं ने सेना में नियुक्तियों के
नए नियम अग्निपथ को लेकर अपना आक्रोश जताया .
नवादा में सैकड़ों की संख्या में आर्मी कैंडिडेट सड़क पर उतर आए और उग्र प्रदर्शन किया.
शहर के प्रजातंत्र चौक पर उन्होंने टायर जलाकर प्रदर्शन किया और शहर के कई सड़कों को जाम कर दिया.
गुरुवार सुबह से ही सेना अभ्यर्थियों द्वारा लिखित परीक्षा की मांग को लेकर पहले चौक को जाम कर हंगामा किया .
अभ्यर्थियों का कहना है कि ARO के द्वारा दो साल पहले 8 जिलों के अभ्यर्थियों का फिजिकल और मेडिकल कराया गया था, लेकिन उसके बाद कभी कोरोना तो कभी कोई और बहाना करके लिखित परीक्षा
करवाने में देरी की जा रही है.
केंद्र सरकार की 4 साल की सेना की नौकरी को लेकर भी अभ्यर्थी नाराज हैं और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन को उतर आए.
अभ्यर्थियों की मांग है कि CEE Exam को शुरू किया जाए और टूर ऑफ ड्यूटी यानी TOD वापस लिया जाए.
साथ ही परीक्षा में 2 साल देर हुई है है इसके लिए उन्हें 2 साल की छूट दी जाए. अभ्यर्थियों ने प्रजातंत्र चौक के पास भी लाठी डंडे लेकर प्रदर्शन किया.
अभ्यर्थियों का कहना है कि केवल 4 साल के लिए भर्ती करना रोजगार के अधिकार का हनन है.
क्या है अग्निवीर योजना :
बता दें कि मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने दिल्ली में इस स्कीम की घोषणा की थी.
इसके तहत 17.5 साल से 21 साल तक की आयु वर्ग के युवाओं को अग्निवीर के तौर पर भर्ती की योजना का एलान है और उन्हें 4 साल के लिए नौकरी मिलेगी.
बाद में इनमें से ही 25 फीसद युवाओं को सेना में नियमित नौकरी के लिए चुना जाएगा और इसके लिए अलग से स्क्रीनिंग होगी.
अग्निवीर के तौर पर काम करने के बाद सेवामुक्ति पर युवाओं को 11 लाख रुपए का एकमुश्त पैकेज देकर विदा किया जाएगा.
अभ्यर्थी केंद्र सरकार के इस फैसले के विरोध में खड़े हो गए हैं.
अनिल शर्मा की रिपोर्ट


