सुभाष मुर्मू की बेटी सालों से है लापता
परिजन लगा चुका है प्रशासन से गुहार, फिर भी नहीं है कोई सुनने वाला
झरिया (धनबाद) : बलियापुर थाना क्षेत्र सिंदूरपुर पंचायत अंतर्गत चालधोबा बस्ती के रहने वाले सुभाष मुर्मू की बेटी सालों से लापता है। सुभाष मुर्मू ने कहा कि जिला प्रशासन से गुहार लगाते-लगाते थक चुका हूं, फिर भी कोई मेरा सुनने वाले नहीं हैं। मुझे लगता है कि मैं एक आदिवासी हूं, इसी कारण कोई भी मेरी पुकार नहीं सुन रहे हैं।
सुभाष मुर्मू ने कहा कि मेरी बेटी जिसका नाम मीनाबती कुमारी (28 साल) धनबाद के ढंगी में पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त की थी। इसके बाद मेरी बेटी काम करने के लिए राजस्थान चली गई। राजस्थान में काम करने के बाद 2018 को घर लौट आई। उसके बाद 2019 को पुनः काम करने के लिए हरियाणा चली गईं। हरियाणा के मजेशवर सतरेला जिला भिवाड़ी के गुड़गांव सेक्टर 375 में एसबीएस इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड में काम कर रही थी।
कुछ दिन तो फोन से लगातार संपर्क हो रही थी, लेकिन 2020 के मार्च महीने से मेरी बेटी से संपर्क टूट गया। उसके बाद मैं बलियापुर थाना का चक्कर लगा रहा हूं, पर मेरी शिकायत अभी तक नहीं सुनी जा रही है। मेरी बेटी की खोज में मेरे गांव के लोग भी हमारी मदद कर रहे हैं। लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक मेरी बेटी की खोजबीन नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि मैं एक आदिवासी हूं, शायद इसीलिए कोई भी अधिकारी या झारखंड सरकार नहीं सुन रही है। पुलिस प्रशासन को लिखित दे कर थक चुका हूं। मैं चाहता हूं कि इस पर झारखंड सरकार और जिला प्रशासन गंभीरता से लेकर मेरी बेटी की छानबीन की जाए। इधर सुभाष मुर्मू का साथ दे रहे ग्रामीण एवं समाजसेवी लोगों ने भी सरकार और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है की जल्द से जल्द सुभाष मुर्मू की बेटी को घर वापस लाया जाए।
रिपोर्ट : अनिल मुंडा
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