Ranchi– शेल कंपनियों का संचालन- सीएम हेमंत सोरेन और उनके करीबियों के द्वारा शेल कंपनियों का संचालन करने के आरोपों को लेकर दायर याचिका के विरोध में अब सरकार की ओर से हस्तक्षेप याचिका दायर की है. निगरानी विभाग के अधिकारी चंद्रभूषण प्रसाद ने याचिका दायर कर प्रार्थी शिवशंकर शर्मा पर अदालत को गुमराह करने का आरोप लगाया है.
याचिका में दावा किया गया है कि प्रार्थी शिव शंकर शर्मा ने सीएम की पत्नी और दूसरे रिश्तेदारों के स्वामित्व वाली कंपनी सोहराई लाइवस्टॉक प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ गलत जानकारी दी है. राज्य के उद्योग विभाग ने कंपनी को औद्योगिक उद्देश्यों के लिए 11 एकड़ जमीन आवंटित की थी, लेकिन बाद में इस लीज को रद्द कर दिया गया. साथ ही याचिकाकर्ता ने कंपनी की पूंजी और जमीन आवंटन करने के मामले में गलत शपथपत्र दायर किया.
याचिकाकर्ता का यह दावा भी निराधार है कि झूठे दस्तावेज के आधार पर चतरा में आईटीआई प्रतापपुर के निर्माण के लिए नीलम कंस्ट्रक्शन को टेंडर दिया गया. सरकार ने दावा किया कि कंपनी को टेंडर मिल गया था, लेकिन बाद में टेंडर कमेटी ने इसे रद्द कर दिया, क्योंकि कंपनी के अनुभव को सत्यापित नहीं किया गया था. सरकार का कहना है कि प्रार्थी ने सरकार की छवि खराब करने के इरादे से गलत जानकारी के साथ याचिका दायर की है.







