किडनी निकालने के लिए लिया बल्ड सैंपल, पहुंची पुलिस

Nirsa-किडनी का सौदा- गोपालपुर पंचायत के मुखिया पति सपन नाग ने मासस कार्यकर्ताओं पर पतलाबाड़ी, मासस कार्यालय में बंद कर पिटाई करने का सनीसनीखेज आरोप लगाया है.

यहां यह भी बतला दें कि पिछले कुछ दिनों से इस इलाके में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दर्जनों मासस कार्यकर्ता एक व्यक्ति के साथ बेरहमी के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं.

मासस कार्यकर्ताओं पर लगा है किडनी का सौदा करने का आरोप

वायरल  वीडियो में जिस व्यक्ति के साथ मारपीट हो रहा है, वह अब सामने आकर इसकी सच्चाई को बयां कर रहा है, वायरल वीडियो में मार खाता व्यक्ति  गोपालपुर पंचायत का मुखिया पति सपन नाग है.

उनका कहना है कि 30 सितंबर जब वह अपनी पत्नी मुखिया शिखा नाग के साथ एगारकुण्ड प्रखंड कार्यालय की ओर जा रहे थें,

तब प्रखण्ड कार्यालय से कुछ दूरी पर उन्हे रामजी यादव और रोशन मिश्रा के द्वारा

 रिवाल्वर दिखाकर एक सफेद कार में बैठाकर मासस कार्यालय, पतलाबड़ी ले जाया गया.

जब  इसका विरोध मुखिया शिखा नाग के द्वारा किया गया तो उनके साथ ही मारपीट की गयी.  

मासस कार्यालय में बंद कर किया जा रहा था किडनी का सौदा

मासस कार्यालय में पहले से ही कुछ लोग मौजूद थें, फिर उन सभी के द्वारा उनके साथ मारपीट की गयी.

मारपीट के कारण बाएं हाथ के हड्डी के तीन टुकड़े हो गए एवं सर तथा बदन पर गंभीर चोट आई है.

उनका कहना था कि पंचेत पुलिस की तत्परता  के कारण ही उनकी जान बची.

किडनी निकालने के लिए लिया गया था बल्ड सैंपल, एन वक्त पर पहुंची पुलिस

नहीं तो उन्हे समाप्त करने की पूरी प्लानिंग कर ली गयी थी.

उनके द्वारा मेरा किडनी निकाले जाने की बात की जा रही थी,

किसी किडनी खरीदने वाले से फोन पर बात की जा रही थी,

किडनी निकालने के लिए मेरा ब्लड सैंपल भी लिया गया था. 

उन लोगों के द्वारा मुझसे जबरन घर पर फोन करवा करवाया गया,

लेकिन वह कुछ कर पाते कि इसके पहली ही जिप सदस्य गुलाम कुरैशी द्वारा एसडीपीओ पितांबर सिंह खेरवार को इसकी जानकारी दी गई.

जिसके बाद पंचेत पुलिस भगवान बनकर मौके पर वारदात पहुंच गयी और मुझे उन दरिंदो से बचा.

मुखिया पति के साथ इस दरिंदगी के बाद निरसा में तनातनी

किसी मुखिया पति के साथ इस तरह की वारादात के बाद निरसा में तनातनी का माहौल कायम है.

स्थानीय जनप्रतिनिधि से लेकर विधायक तक इस घटना की निंदा कर रहे हैं.

निरसा विधायक अपर्णा सेनगुप्ता ने कहा है कि

इस इलाके में मासस की गुंडागर्दी क्षेत्र में चरम पर हैं.

यदि प्रशासन आरोपियों के खिलाफ नहीं करती है तो वह सड़क पर उतरने को बाध्य होंगे.

जबकि पूर्व विधायक और मासस नेता अरूप चटर्जी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बतलाया है.

उन्होंने कहा है कि किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार से कमरे में बंद कर पिटना गलत है.

रिपोर्ट अनिल

धूमधाम से मनायी गयी मासस की 50वीं वर्षगांठ, गरीब-गुरबों की लड़ाई जारी रखने का लिया गया संकल्प

Saffrn

Trending News

Social Media

167,000FansLike
28,100FollowersFollow
628FollowersFollow
685,000SubscribersSubscribe
- Advertisement -spot_img