रांची : राजधानी रांची के डोरंडा स्थित हजरत रिसालदार बाबा का 115वां उर्स आज से शुरू हो गया है.
पांच दिवसीय उर्स 17 अक्टूबर तक होगा. जानकारी के मुताबिक 16 अक्टूबर को
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन कव्वाली जुगलबंदी का उद्घाटन करेंगे.
जिसके लिए उन्हें निमंत्रण भेज दिया गया है.
इस दौरान हजरत रिसालदार बाबा की दरगाह पर चादर पोशी होती है.
मान्यता है कि जो भी बाबा के दरगाह में आता है उसकी मुरादें जरूर पूरी होती है.
उर्स को लेकर मैदान में मेला भी लगाया गया है, जिसमें अलग-अलग प्रकार के झूले का लुत्फ उठा सकते हैं.
वहीं मेले में खास तौर पर लखनवी ज़ायके का भी लोगों को स्वाद मिलेगा.
लखनऊ का मशहूर शाही हलवा, मुगलई पराठा भी मेले में मिलेगा.

रिसालदार बाबा: ये है पूरा कार्यक्रम
गुरुवार को शाही संदल व चादर पोशी की गई. सुबह 8 बजे परचम कुशाई हुआ. हाजी अब्दुल रऊफ गद्दी के मकान से 3 बजे शाही संदल व चादर निकलेगी और 4ः30 बजे दरगाह में चादर पोशी होगी. 14 अक्टूबर को कव्वाली का प्रोग्राम होगा, जिसमें कौशर जानी, कलाम नाजा, बड़े नवाब वारसी, आरिफ नवाज, जबीउल्ला जानी, आजाद अली वारसी, शहंशाह ब्रदर का कव्वाली मुकाबला होगा. 15 अक्टूबर को मजार शरीफ परिसर में खानकाही कव्वाली होगी. 16 अक्टूबर को कमेटी के महासचिव मोहम्मद फारुख के मकान से शाही संदल व चादर पोशी निकलेगी और 4 बजे दरगाह में चादर पोशी होगी. 17 अक्टूबर को फातिहा खानी, मिलाद, लंगर और पंज सुरह पढक़र इसाले सावब किया जायेगा.
रिसालदार बाबा: दो वर्ष बाद धूमधाम से मनाया जाएगा सालाना उर्स
हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार बाबा दरगाह कमेटी का सालाना उर्स आज से 17 अक्टूबर तक होगा. जिसकी तैयारी पूरी हो गई है. दो वर्ष बाद 115वां सालाना उर्स बड़े ही धूमधाम से मनाया जाएगा. ये बातें दरगाह कमिटी के अध्यक्ष हाजी अब्दुल रऊफ गद्दी, महासचिव मो फारूक ने कही. डोरंडा दरगाह कमिटी ने जिला प्रशासन और नगर निगम से सहयोग मांगा है. साथ ही मो. फारुख के मकान पर दिल्ली के चांद कादरी और मुंबई के मुराद आतिश के बीच कव्वाली का मुकाबला होगा.
रिपोर्ट: मुर्शीद आलम
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