खतियानी जोहार यात्रा पर बोले जयराम- पहले 1932 खतियान लागू करें फिर बजाएं ढोल नगाड़ा
हेमंत सोरेन में विजन और मिशन की कमी- जयराम महतो
धनबाद : 1932 खतियान- छात्र नेता जयराम महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की खतियानी जोहार यात्रा के विरोध
में उठ खड़े हुए हैं. जयराम ने यात्रा पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि खतियानी जोहार यात्रा के जरिए
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्य की जनता को दिगभ्रमित करने की कोशिश कर रहे हैं.
अभी 1932 खतियान का विधेयक पूरी तरह से प्रभाव में आया नहीं है और वो इसका श्रेय
लेने के लिए राज्य का पैसा बर्बाद कर रहे हैं.
1932 खतियान: बैनर-पोस्टर और ऑर्केस्ट्रा के आयोजन पर जयराम महतो ने उठाया सवाल
खतियानी जोहार यात्रा 8 दिसंबर को गढ़वा से शुरू हुई और ये राज्य के दूसरे हिस्सों में भी पहुंचेगी.
इस बारे में पूछे जाने पर जयराम ने कहा कि राज्य में दुर्दशा दिख रही है, छात्र नियोजन की मांग कर रहे हैं,
सरकार को इसका निदान खोजना चाहिए, लेकिन सीएम इस तरह के आयोजनों में पैसा बर्बाद कर रहे हैं.
खतियानी जोहार यात्रा के लिए लगाए गए बैनर-पोस्टर और ऑर्केस्ट्रा के आयोजन पर भी जयराम महतो ने सवाल उठाया.

सीएम हेमंत पर स्थानीय कलाकारों की अनदेखी का लगाया आरोप
उन्होंने गढ़वा में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान भोजपुरी कलाकारों को बुलाए जाने पर सवाल उठाते हुए स्थानीय कलाकारों की अनदेखी का आरोप लगाया. जयराम महतो ने कहा कि झारखंड में कलाकारों की कमी नहीं है. राज्य में एक से बढ़कर एक कलाकार हैं. लेकिन उनकी जगह पर सरकार ऐसे कलाकारों को प्रमोट कर रहे हैं जो न सिर्फ बाहरी हैं बल्कि अश्लीलता परोस रहे हैं. इससे स्थानीय कलाकारों में काफी निराशा है.

हेमंत सोरेन को जयराम महतो ने दी नसीहत
छात्र नेता ने कहा कि राज्य में नौकरियां और ठेके बाहरी लोगों को मिल रहे हैं. कलाकार भी बाहर से ही बुलाए जा रहे हैं. मुख्यमंत्री स्थानीय लोगों को हक नहीं दिला पा रहे. हेमंत सोरेन को नसीहत देते हुए टाइगर जयराम ने कहा कि दिल्ली अभी दूर है. मुख्यमंत्री पहले 1932 का खतियान लागू करें फिर ढ़ोल नगाड़ा पीटें. जयराम ने हेमंत सोरेन के पास विजन और मिशन की कमी का आरोप लगाते हुए कहा कि वो ऐसे अधिकारियों के प्रभाव में फैसले ले रहे हैं जिनका झारखंड से कोई लेना-देना नहीं है.
1932 खतियान: कांग्रेस और भाजपा स्थानीय लोगों की हितैषी नहीं
जयराम ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर भाजपा को मजबूत करने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा स्थानीय लोगों की हितैषी पार्टियां नहीं है, क्योंकि स्थानीयता मजबूत होगी तो इन पार्टियों का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा. उन्होंने झारखंड मुक्ति मोर्चा पर भी स्थानीय युवाओं को पार्टी में बेहतर पद नहीं देने का आरोप लगाया.
रिपोर्ट: राजकुमार जायसवाल
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