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‘पोर्टल बना ही नहीं तो कैसे हो गया 404 कंपनियों का निबंधन’ स्पीकर बोले- यह गंभीर सवाल

रांची : पोर्टल बना ही नहीं- झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान विधायक प्रदीप यादव ने एक गंभीर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि तीन महीने में सरकार एक पोर्टल नहीं बनवा पाई, तो कैसे 404 कंपनियों का निबंधन हो गया. इस पर स्पीकर रबिंद्रनाथ महतो ने कहा कि यह एक गंभीर सवाल है, लगता है अधिकारियों को काम में रुचि नहीं है.

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प्रदेश में है 4000 से ज्यादा निजी कंपनियां- प्रदीप यादव

सदन के अंदर विधायक प्रदीप यादव ने निजी कंपनियों में राज्य के युवाओं को 75 फ़ीसदी आरक्षण दिए जाने के लिए बने नियमावली का पालन नहीं होने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में स्थानीय युवाओं को 75 फ़ीसदी आरक्षण देने का प्रावधान है जबकि सरकार इसमें कोई गंभीरता नहीं दिखा रही है. विधायक ने कहा कि 3 महीने में सिर्फ 404 कंपनियों का ही निबंधन हुआ है, जबकि प्रदेश में 4000 से ज्यादा निजी कंपनियां है. 12 सितंबर को अधिसूचना जारी हुई थी, आज 3 महीने से ज्यादा हो गया है, लेकिन न तो कंपनियों का निबंधन हुआ है और नहीं कर्मचारियों का.

पोर्टल बना ही नहीं: जैप आईटी बना रहे पोर्टल- श्रम मंत्री

इस पर श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता ने बताया कि पोर्टल तैयार होने के बाद ही निबंधन होगा. जैप आईटी को पोर्टल बनाने का काम दिया गया है. डीपीआर तैयार हो रहा है. जैसे ही वह तैयार होगा पोर्टल ऑनलाइन कर दिया जाएगा.

सरकार तुरंत चालू करे पोर्टल- प्रदीप यादव

मंत्री के जवाब पर प्रदीप यादव ने कहा कि जब पोर्टल ही नहीं बना है तो 400 कंपनियों का निबंधन कैसे हो गया. उन्होंने कहा कि अगर इसमें और देर हुआ तो निजी कंपनियां बैक डोर से भर्ती कर लेंगे और कहेंगे कि अब 40,000 से कम वेतन के कर्मचारियों की जगह बची ही नहीं है. इसलिए सरकार तुरंत पोर्टल एक्टिव करे.

गिरिडीह में सिर्फ 43 कंपनियों ने ही कराया निबंधन- सुदिव्य कुमार सोनू

जेएमएम विधायक सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि गिरिडीह में सिर्फ 43 कंपनियों ने ही निबंधन कराया है. निजी क्षेत्र की कंपनियों में प्रदेश के युवाओं को आरक्षण देने की यह बहुत अच्छी पहल थी. हम इसमें मॉडल बन सकते थे, लेकिन विभाग की शिथिलता से यह नहीं हो पाया. उन्होंने इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी का भी गठन करने की मांग की. सुदिव्य सोनू और प्रदीप यादव दोनों ने कहा कि यह बड़े शर्म की बात है.

पोर्टल बना ही नहीं: अधिकारियों को काम में रूचि- रबिंद्र नाथ महतो

वहीं विधानसभा अध्यक्ष रबिंद्र नाथ महतो भी इस मामले को लेकर गंभीर दिखे. उन्होंने मंत्री से कहा कि यह गंभीर सवाल है. विभागीय अधिकारियों को काम में रूचि उसमें कम दिख रही है. इसके बाद मंत्री ने सदन को आश्वासन दिया कि 20 जनवरी तक योजना को धरातल पर उतारने का काम करेंगे.

रिपोर्ट: मदन सिंह

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