खाद की जमाखोरी पर रखी जाएगी कड़ी नजर, कृषि मंत्री ने अफसरों को दिए सख्त निर्देश, जिलों से प्रत्येक सप्ताहक रिपोर्ट तलब

पटना : खाद की कालाबाजारी करने वालों की अब खैर नहीं है। इस दिशा में कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने विभागीय पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि पदाधिकारी बिहार के साथ दूसरे राज्य और मुख्य रूप से सीमा से सटे नेपाल में खाद की कालाबाजारी पर नकेल कसने की दिशा में तत्पर रहें। जिला स्तरीय अधिकारी खाद की उपलब्धता को लेकर प्रत्येक सप्ताह में बैठक कर समीक्षा करेंगे और रिपोर्ट मुख्यालय को उपलब्ध कराएंगे।

पश्चिम एशिया में युद्ध चल रहा है। इस स्थिति में खाद की कालाबाजारी की संभावना मजबूत हो जाती है – कृषि मंत्री राम कृपाल यादव

कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने शनिवार को पटना के मीठापुर स्थित कृषि भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध चल रहा है। इस स्थिति में खाद की कालाबाजारी की संभावना मजबूत हो जाती है। इसको ध्यान में रखते हुए विभागीय पदाधिकारियों को पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में खाद की उपलब्धता किसानों की मांग से भी ज्यादा है। ऐसे में किसान किसी भी अफवाह पर विश्वास नहीं करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी किसानों को आश्वस्त किया है कि उनकी प्रत्येक समस्या के समाधान के लिए सरकार सक्रिय है।

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मौजूदा समय में बिहार में यूरिया 2.48, डीएपी 1.43, एनपीके 2.07, एमओपी 0.39 और एसएसपी 1.02 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है – कृषि मंत्री

कृषि मंत्री ने बताया कि मौजूदा समय में बिहार में यूरिया 2.48, डीएपी 1.43, एनपीके 2.07, एमओपी 0.39 और एसएसपी 1.02 लाख मीट्रिक टन उपलब्ध है। किसानों की मांग के अनुसार खाद की सतत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो और वह कालाबाजारी के शिकार ना हो सकें। यादव ने कहा कि खाद की कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर रिटेलर, स्टाकिस्ट के साथ अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस दिशा में जिला से प्रखंड स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिया जा चुका है।

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‘राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है’

उन्होंने कहा कि राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए धरती बचाओ कमेटी का गठन किया जाएगा। पैक्सों में लाइसेंस देने की प्रक्रिया भी तेज की जाएगी ताकि किसानों को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि आपदा प्रभावित किसानों को हाल के दिनों में करीब 200 करोड़ रुपए का मुआवजा बतौर राहत दिया गया है।

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मौजूदा खराब मौसम में होने वाली फसलों की क्षति को लेकर भी विभागीय अधिकारी जांच कर रहे हैं

मौजूदा खराब मौसम में होने वाली फसलों की क्षति को लेकर भी विभागीय अधिकारी जांच कर रहे हैं। श्रेणी में आने वाले किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए विभाग पूरी तरह सक्रिय है। इस अवसर पर विभागीय प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि खाद की कालाबाजारी पर नियंत्रण पाने की दिशा में विभाग पूरी तरह से सतर्क है। निदेशक सुमन सौरभ यादव ने बताया कि विभाग खरीफ की तैयारी कर रहा है। कृषि एप से राज्य के किसान विभागीय योजनाओं की जानकारी हासिल कर उसका लाभ उठा सकते हैं।

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राज्य में एक अप्रैल से किसानों से सरकार खरीदेगी गेहूं

राज्य में सरकारी स्तर पर किसानों से गेहूं की खरीदारी एक अप्रैल 2026 से शुरू हो जाएगी। गेहूं की खरीदारी के लिए सहकारिता विभाग ने सभी आवश्यक तैयारी कर ली है। विभाग पैक्सों और व्यापार मंडलों के माध्यम से किसानों से यह खरीदारी करता है। किसानों से गेहूं की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी पर की जाएगी। केंद्र सरकार ने रबी विपणन मौसम 2026-27 में गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,585 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 160 रुपए प्रति क्विंटल अधिक है। इससे राज्य के गेहूं उत्पादक किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य प्राप्त हो सकेगा। वहीं इस वर्ष राज्य में गेहूं अधिप्राप्ति का कुल लक्ष्य 0.18 लाख मीट्रिक टन निर्धारित किया गया है।

किसानों को उनके गेहूं का उचित मूल्य मिल सके, इसके लिए सहकारिता विभाग द्वारा किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है

किसानों को उनके गेहूं का उचित मूल्य मिल सके, इसके लिए सहकारिता विभाग द्वारा किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है। इसी कड़ी में विभाग की ओर से पिछले दिनों गेहूं की खरीदारी को लेकर राज्य के सभी जिलों में विभिन्न पैक्सों एवं व्यापार मंडलों में निबंधित किसानों के साथ बैठकें भी आयोजित की गई थीं। इन बैठकों में किसानों को अधिप्राप्ति प्रक्रिया, निबंधन, भुगतान व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई है।

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किसान अपनी सुविधा के अनुसार पंचायत स्तर पर अवस्थित पैक्स अथवा प्रखंड स्तर पर अवस्थित व्यापार मंडल में गेहूं की बिक्री कर सकते हैं

गेहूं की खरीद के लिए बीते 21 जनवरी से कृषि विभाग के पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in पर ऑनलाइन निबंधन शुरू हो गया था। गेहूं बिक्री के बाद किसानों को 48 घंटों के भीतर पीएफएमएस प्रणाली के माध्यम से उनके नामित बैंक खाते में भुगतान किया जाएगा। किसान अपनी सुविधा के अनुसार, पंचायत स्तर पर अवस्थित पैक्स अथवा प्रखंड स्तर पर अवस्थित व्यापार मंडल में गेहूं की बिक्री कर सकते हैं। किसान गेहूं बेचने से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए अपने प्रखंड में पदस्थापित सहकारिता प्रसार पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी अथवा संयुक्त निबंधक के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। गेहूं अधिप्राप्ति से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी के लिए किसान विभागीय हेल्पलाइन नंबर 0612-2200693 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

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