पटना : भारतीय नृत्य कला मंदिर में नए सत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके तहत विभिन्न आयु वर्ग के इच्छुक छात्र-छात्राएं भारतीय कला की विविध विधाओं में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं। संस्थान की ओर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यहां भारतीय शास्त्रीय और लोक कलाओं के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से कक्षाएं संचालित की जाती हैं।
‘नृत्य की श्रेणी में विद्यार्थियों को भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी व लोक नृत्य की शिक्षा दी जा रही है’
आपको बता दें कि नृत्य की श्रेणी में विद्यार्थियों को भरतनाट्यम, कथक, ओडिसी व लोक नृत्य की शिक्षा दी जा रही है। इन नृत्य शैलियों के माध्यम से छात्रों को नृत्य की तकनीकी बारीकियों से परिचित कराया जा रहा है। इसके साथ संगीत के क्षेत्र में भी संस्थान क्लासिकल वोकल (शास्त्रीय गायन), लोक संगीत और संगीत रचना (म्यूजिक कम्पोजिशन) का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अनुभवी गुरु और कलाकार विद्यार्थियों को सुर, ताल और राग की शिक्षा दे रहे हैं।
‘संस्थान में कई वाद्ययंत्रों का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है’
इसके अलावा संस्थान में कई वाद्ययंत्रों का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विद्यार्थियों को तबला, नगाड़ा, स्पेनिश गिटार, सितार और की-बोर्ड जैसे वाद्ययंत्रों की शिक्षा दी जा रही है। संस्थान का मानना है कि कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास का भी सशक्त साधन है। नियमित अभ्यास, मंच प्रदर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मकता विकसित करने का अवसर मिलता है। इच्छुक अभ्यर्थी नामांकन से संबंधित जानकारी टेलीफोन नंबर 0612-2225811 से अथवा संस्थान के कार्यालय में संपर्क कर प्रवेश संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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